केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर संकट गहराया, 466 करोड़ की कथित गड़बड़ी को लेकर ED की कार्रवाई तेज — समझिए पूरा मामला

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image

BY: Yoganand Shrivastva

केरल: मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और राज्य की महत्वाकांक्षी संस्था केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए नोटिस जारी किया है। यह नोटिस लगभग 466 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता से जुड़ा है। KIIFB के चेयरमैन खुद पिनराई विजयन हैं, इसलिए मामला राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील हो गया है।

किन्हें भेजा गया नोटिस?

ED ने यह नोटिस KIIFB से जुड़े इन प्रमुख अधिकारियों को भेजा है—

  1. केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB)
  2. के.एम. अब्राहम – मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)
  3. पिनराई विजयन – चेयरमैन
  4. टी.एम. थॉमस इसाक – उपाध्यक्ष (वाइस चेयरमैन)

क्या है पूरा मामला?

ED के अनुसार KIIFB ने लंदन और सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज पर मसाला बॉन्ड जारी करके लगभग 2672.80 करोड़ रुपये जुटाए थे। मसाला बॉन्ड के तहत लिया गया पैसा ECB (External Commercial Borrowing) की श्रेणी में आता है, जिसके उपयोग के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्पष्ट दिशानिर्देश बनाए हैं।

आरोप है कि—

  • इस फंड में से 466.91 करोड़ रुपये जमीन खरीदने में खर्च किए गए,
  • जबकि RBI के नियमों के अनुसार मसाला बॉन्ड से जुटाए गए पैसे का उपयोग भूमि खरीद में सख्ती से प्रतिबंधित है।

ED का कहना है कि यह सीधे तौर पर RBI की—

  • मास्टर डायरेक्शन 2016,
  • सर्कुलर 2015,
  • और 1 जून 2018 के दिशानिर्देशों

का उल्लंघन है।

शिकायत कब दर्ज हुई?

  • ED ने इस मामले में 27 जून 2025 को FEMA के तहत आधिकारिक शिकायत दर्ज की थी।
  • इसके बाद अडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने 12 नवंबर 2025 को नोटिस जारी कर दिया।

राजनीतिक तापमान बढ़ा

इस नोटिस के बाद राज्य की राजनीति भी गर्म हो गई है। हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल ने पिनराई विजयन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि,
“केरल के मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के छुपे हुए एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।”

इसके पहले राज्य मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने कांग्रेस सांसद को BJP का ‘गुप्त एजेंट’ बताया था। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।

अब आगे क्या?

FEMA मामले में नोटिस मिलने के बाद KIIFB और राज्य सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करना होगा। यदि ED आरोप साबित कर देती है, तो भारी आर्थिक दंड के साथ-साथ बड़ी कानूनी कार्रवाई भी संभव है। यह मामला केरल की राजनीति में आने वाले समय में और हलचल ला सकता है।

Horoscope: जानें आज का राशिफल

Horoscope: 26 मई 2026, मंगलवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों

Poaching Case : हरिद्वार टाइगर शिकार कांड में मुख्य आरोपी आमिर हमजा ने किया सरेंडर

Poaching Case : रोशनाबाद कोर्ट में आत्मसमर्पण, वन विभाग और वकीलों में

Jhiram Ghati: झीरम घाटी हमले की 13वीं बरसी पर फिर गरमाई सियासत

Jhiram Ghati: कांग्रेस ने न्याय में देरी का मुद्दा उठाया Jhiram Ghati: