BY: Yoganand Shrivastva
उज्जैन:आयोजित सामूहिक विवाह समारोह ने समाज के सामने एक अनोखी मिसाल पेश की है। योग गुरु बाबा रामदेव ने कार्यक्रम में कहा कि यह आयोजन केवल विवाह का संस्कार नहीं, बल्कि समाज में एक नई दिशा दिखाने वाला प्रयास है।
सादगी की अद्भुत छाप
बाबा रामदेव ने बताया कि यह आयोजन दिखाता है कि सादगी भी उतनी ही भव्य हो सकती है जितना दिखावे वाला समारोह। यहां कथनी और करनी का अंतर खत्म होता दिखा, क्योंकि समाज के कई प्रमुख लोग स्वयं सादगी अपनाते हुए इस समारोह का हिस्सा बने।
सत्ता, समाज और संस्कार का संगम
कार्यक्रम में विभिन्न स्तरों के लोग एक साथ उपस्थित रहे। बाबा रामदेव के अनुसार, यह आयोजन दर्शाता है कि सत्ता, समाज और संस्कार जब एक साथ मिलते हैं तो एक सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत होती है।
‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ नहीं, ‘डिवाइन वेडिंग’ का संदेश
बाबा रामदेव ने कहा कि आज का यह सामूहिक विवाह समारोह समाज को एक नई सोच दे रहा है।
उन्होंने कहा—
“अब विवाह केवल डेस्टिनेशन नहीं, बल्कि डिवाइन वेडिंग बनेंगे। यह आयोजन दिखाता है कि संस्कारों के साथ किया गया विवाह ही गर्व और प्रतिष्ठा का असली मानक है।”
संस्कार आधारित विवाह की दिशा
उज्जैन का यह सामूहिक आयोजन विवाह संस्कारों को फिर से पवित्रता और सादगी के मार्ग पर ले जाने का प्रयास बन रहा है। बाबा रामदेव का मानना है कि यह कार्यक्रम भविष्य में समाज को सही दिशा प्रदान करेगा और भव्यता की जगह दिव्यता को सम्मान दिलाएगा।





