BY: Yoganand Shrivastva
भोपाल: रविवार को IAS संतोष वर्मा के कथित विवादित बयान को लेकर ब्राह्मण समाज में भारी रोष देखने को मिला। समाज के सैकड़ों लोग परशुराम मंदिर से कफन बांधकर रैली की रूप में निकले और AJAKS कार्यालय की ओर मार्च करने लगे। हालांकि पुलिस ने रास्ते में ही बैरिकेड लगाकर भीड़ को रोक दिया।
रैली में शामिल लोगों ने संतोष वर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकारी पर एफआईआर दर्ज कर निलंबन व बर्खास्तगी की मांग की।
सरकार ऐसे अधिकारी को तुरंत पद से हटाए — कैलाश मिश्रा
बीजेपी नेता कैलाश मिश्रा ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें अजाक्स दफ्तर जाने से रोक दिया है, इसलिए वहीं ज्ञापन सौंपा जा रहा है।
मिश्रा ने आरोप लगाया कि संतोष वर्मा का व्यवहार पहले भी विवादों में रहा है और वह पहले जेल भी जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज की बेटियों पर इस तरह की टिप्पणी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी और ऐसे अधिकारी को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं।
कफन बांधकर निकला समाज — ‘लड़ाई पूरी ताकत से जारी रहेगी’
ब्राह्मण रेजिमेंट के अध्यक्ष पंडित रामनारायण अवस्थी ने कहा कि कई संगठनों के प्रतिनिधि एकजुट होकर इस विरोध में शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि समाज अब निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है और जब तक FIR व निष्कासन की कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
अवस्थी ने कहा — “हमने कफन बांधकर यह संदेश दे दिया है कि अब पीछे नहीं हटेंगे।”
सरकार को 3 दिन की चेतावनी — कार्रवाई नहीं हुई तो होगा CM हाउस और विधानसभा का घेराव
अवस्थी ने कहा कि समाज सरकार से उम्मीद रखता है, लेकिन यदि तीन दिनों में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो राज्यभर के ब्राह्मण और हिन्दू संगठन भोपाल में बड़ा मार्च निकालेंगे और मुख्यमंत्री आवास व विधानसभा का घेराव करेंगे।
पुलिस का बयान
एसीपी उमेश तिवारी ने बताया कि रैली परशुराम मंदिर से शुरू होकर सैंट मैरी स्कूल के सामने समाप्त हुई, जहां समाज के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि ज्ञापन राज्य शासन तक उचित माध्यम से पहुंचाया जाएगा।





