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खाद वितरण में अव्यवस्था से नाराज किसान, मंडी गेट के सामने चक्का जाम, पुलिस की समझाइश के बाद खत्म

Farmers, upset over the mismanagement of fertilizer distribution, blocked the road in front of the market gate, ending after police intervention.

रिपोर्ट- गजेंद्र राज

नर्मदापुरम: रवि सीजन की गेहूं-चना बोनी की तैयारी में जुटे किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि जिले में खाद वितरण बेहद धीमी गति से हो रहा है और कई बार उन्हें घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ता है। इसी नाराजगी के बीच सोमवार को कृषि उपज मंडी आईटीआई रोड पर 20–25 किसानों ने चक्का जाम कर दिया, जिससे आवागमन प्रभावित रहा।

सूचना मिलते ही देहात पुलिस मौके पर पहुंची, किसानों से बात की और समझाइश देकर जाम को खुलवाया।
किसानों का आरोप, “धीमी गति से वितरण, चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता”, किसानों का कहना है कि शाम 5:45 बजे 12 किसान खाद के लिए लाइन में मौजूद थे, तभी गोदाम प्रभारी संजय शुक्ला ने उन्हें अगले दिन आने को कहा। किसानों ने आरोप लगाया कि…

  • खाद वितरण बहुत धीमी गति से हो रहा है।
  • कुछ चुनिंदा किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है।
  • कई बार “सर्वर खराब”, “स्टॉक कम”, या “समय पूरा” कहकर किसानों को लौटा दिया जाता है।
  • गोदाम प्रभारी का पक्ष, “वितरण नियमानुसार, कोई अव्यवस्था नहीं”।

मौके पर पहुंचे संजय शुक्ला (गोदाम प्रभारी) ने किसानों के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि खाद वितरण निर्धारित समय के अनुसार हो रहा है, किसी तरह की भीड़ या अव्यवस्था नहीं थी। किसान चाहें तो सीसीटीवी फुटेज देखकर यह जांच सकते हैं कि चक्काजाम करने वाले कितने लोग वास्तव में गोदाम पहुंचे थे।

प्रशासन सक्रिय, टोकन वालों को प्राथमिकता, अफवाह फैलाने पर चेतावनी, नायब तहसीलदार हंसकुमार ओनकर ने बताया कि वे स्वयं खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि माहौल बिगाड़ने या अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। जिन किसानों के पास टोकन थे, उनके नाम दर्ज किए गए हैं, उन्हें मंगलवार को प्राथमिकता के साथ खाद उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों ने यह भी शिकायत की कि गोदाम प्रभारी का व्यवहार ठीक नहीं है और बार-बार बहाने बनाकर उन्हें लौटाया जाता है।