Reporter: Vishnu Gautam, Edit By: Mohit Jain
दुर्ग जिले की पुलगांव पुलिस ने ईसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, दुर्ग शाखा में हुए ₹84.98 लाख के गबन का पर्दाफाश किया है। यह रकम बैंक के कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों से वसूली गई लोन किश्तों को जमा न करने से जुड़ी हुई है।
यह खुलासा बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक मोहित देशमुख की शिकायत पर हुआ। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बैंक के 10 संग्रहण कर्मचारियों (कलेक्शन एजेंट्स) पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और षड्यंत्र का आरोप लगाया था।
किश्तें लीं, लेकिन बैंक में जमा नहीं कीं

पुलिस जांच में सामने आया कि बैंक ने कुल 240 ग्राहकों को लोन दिया था। इनमें से ज्यादातर ग्राहकों ने समय पर किश्तें भरीं, लेकिन कर्मचारियों ने वह रकम बैंक सिस्टम में जमा नहीं की।
पुलिस के अनुसार, 24 मई 2024 से 24 जून 2025 के बीच इन कर्मचारियों ने ₹84,98,940 की राशि वसूलकर निजी खर्चों में इस्तेमाल कर ली।
छह गिरफ्तार, चार अब भी फरार
पुलिस ने इस मामले में नामजद 10 आरोपियों में से छह को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार कर्मचारियों के नाम इस प्रकार हैं—
- टीकाराम पाटले
- आकाश नायक
- ओम प्रकाश कोसरे
- आर्या गोस्वामी
- रेशमा वर्मा
- अंकिता पासवान
पूछताछ में सभी छह आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। वहीं, बाकी चार आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

आंतरिक लापरवाही पर भी सवाल
पुलिस का कहना है कि यह मामला बैंक की आंतरिक लापरवाही और कर्मचारियों की मिलीभगत को उजागर करता है। जांच में यह भी सामने आया है कि बैंक के निगरानी तंत्र में गंभीर खामियां हैं।
आगे की जांच में इस फ्रॉड से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता और धन के इस्तेमाल के ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।





