BY: Yoganand Shrivastva
मेरठ/ मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में डेढ़ महीने पहले बुर्का पहने एक महिला का शव मिलने के बाद पुलिस ने हत्याकांड का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि यह महिला नईमा यास्मीन थी और उसकी हत्या उसके पति, एक मस्जिद के इमाम शहजाद ने की थी।
नईमा, जो एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती थी और असम की रहने वाली थी, उसकी ऑनलाइन मुलाकात शहजाद से हुई। शहजाद ने खुद को कपड़ा व्यापारी और अविवाहित बताया, जबकि सच यह था कि वह पहले से शादीशुदा और तीन बच्चों का पिता था। निकाह के बाद नईमा को पता चला कि शहजाद झूठ बोल रहा था, जिससे वह बेहद टूट गई।
गुस्साए शहजाद ने अपनी पत्नी को खत्म करने की योजना बनाई। उसने अपने दोस्त नदीम अंसारी को इसमें शामिल किया और 16 सितंबर को नईमा को बाजार ले जाने के बहाने बुलाकर जूस में नींद की गोलियां मिलाई। बेहोश होने पर दोनों आरोपी उसे मेरठ के सिवालखास इलाके ले गए। नदीम ने रस्सी से उसका गला घोंटा और शहजाद ने छुरी से हत्या कर दी।
हत्याकांड को छुपाने के लिए शहजाद ने नईमा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस को यह चालाकी सफल नहीं हुई। मेरठ पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल की गई छुरी और रस्सी बरामद की। एसएसपी मेरठ, विपिन ताडा ने बताया कि शहजाद और नदीम को जेल भेज दिया गया है।





