बड़वाह। मंगलवार को वैकुंठ चतुर्दशी के अवसर पर नर्मदा तट पर धार्मिक आस्था और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। शाम के समय बड़ी संख्या में महिलाएं अपने परिवार के साथ नर्मदा तट पर पहुंचीं और विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर दीपदान किया।
शास्त्रों के अनुसार वैकुंठ चतुर्दशी के दिन भगवान शिव स्वयं श्रीहरि विष्णु से मिलने जाते हैं। इस दिन भगवान शिव चार महीने के लिए सृष्टि का भार भगवान विष्णु को सौंपकर हिमालय पर्वत पर चले जाते हैं।
नावघाट खेड़ी स्थित नर्मदा तट पर दीपों की लौ से पूरा तट जगमगा उठा। महिलाओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए भगवान शिव और श्रीहरि की एक साथ आराधना की।
मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव को तुलसी पत्र और भगवान विष्णु को बेलपत्र अर्पित करने से दोनों देव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को बैकुंठ लोक में स्थान प्राप्त होता है।
श्रद्धा, भक्ति और आस्था से ओतप्रोत यह आयोजन देर शाम तक चलता रहा।





