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ग्वालियर हाईकोर्ट ने 21 साल पुराने मामले में सात आरोपियों की सजा घटाई, कहा— पहले ही पर्याप्त सजा भुगत चुके हैं

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BY: Yoganand Shrivastva

ग्वालियर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने 21 साल पुराने आपराधिक मामले में सात आरोपियों की सजा कम कर दी है। न्यायमूर्ति अनिल वर्मा की एकलपीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी पहले ही पर्याप्त समय जेल में बिता चुके हैं, इसलिए उनकी सजा को पहले से भुगती गई अवधि तक सीमित किया जाता है। यह मामला श्योपुर जिले का है, जिसकी घटना वर्ष 2004 की है। उस समय बूटा सिंह और भोला सिंह के बीच हुए विवाद के दौरान गोली चलने और मारपीट की घटना सामने आई थी।

ट्रायल कोर्ट ने 2006 में सुनाई थी सजा
मामले की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2006 में बाबूलाल, हुकुम सिंह, रणवीर, रामकरण, सियाराम, शिवचरण और जगदीश को दोषी करार दिया था। अदालत ने उन्हें दो से दस साल तक की विभिन्न सजा सुनाई थी।

उम्र और पहले से बिताई सजा को देखते हुए राहत
अपील के दौरान अदालत को बताया गया कि सभी आरोपी 58 से 81 वर्ष की आयु के हैं और वे पहले ही दो से तीन वर्ष तक जेल में रह चुके हैं। अदालत ने माना कि इतने पुराने मामले में लम्बी अदालती प्रक्रिया झेलने और पहले से सजा भुगतने के बाद अब उन्हें दोबारा जेल भेजना उचित नहीं होगा। अंत में, हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि और जुर्माने के आदेश को बरकरार रखते हुए सजा की अवधि को केवल पहले से भुगते गए समय तक सीमित करने का निर्देश दिया।

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