Isa Ahmad
54 वर्षों बाद हुआ खजाने का उद्घाटन
मथुरा के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर का खजाना शनिवार को लगभग 54 वर्षों बाद खोला गया। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के आदेश पर की गई। खजाना सिविल जज (जूनियर डिवीजन), जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और मंदिर के सेवायत गोस्वामी परिवार की निगरानी में खोला गया।
बेशकीमती और ऐतिहासिक वस्तुएं
खजाने में हीरे, पन्ना से जड़े मोरनी हार, सहस्त्र फणी नाग प्रतिमा, चांदी से निर्मित शेषनाग, सोने के कलशों में जड़े नवरत्न जैसी कई बेशकीमती और ऐतिहासिक वस्तुएं होने की उम्मीद जताई जा रही है। मंदिर प्रशासन ने बताया कि खजाने का रिकार्ड तैयार किया जा रहा है और इसकी सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत आगे की प्रक्रिया न्यायिक निगरानी में पूरी की जाएगी।
यह खजाना न केवल धार्मिक बल्कि मंदिर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक भी माना जा रहा है।





