छत्तीसगढ़ में तेज़ हुई सियासत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल का एक वर्ष और कुल मिलाकर 11 साल का लंबा राजनीतिक सफर पूरा कर लिया है। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने देशभर में “संकल्प से सिद्धि” तक अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत मोदी सरकार की प्रमुख योजनाओं और उपलब्धियों को जनता के बीच पहुंचाया जाएगा।
इधर, छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रेस वार्ता कर राज्य में केंद्र सरकार की उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत, सैन्य सफलता, बुनियादी ढांचे में सुधार और किसानों के हित में उठाए गए कदमों को आम जनता तक पहुंचाया जाएगा।
संकल्प से सिद्धि अभियान की खास बातें:
बीजेपी की कार्यशाला का आयोजन एकात्म परिसर में
हर जिले में प्रोफेशनल मीटिंग का आयोजन
“विकसित भारत संकल्प सभा” के तहत मंडलों में कार्यक्रम
गांव, मोहल्ला और शहरों में चौपाल लगाई जाएगी
आयुष्मान भारत योजना को लेकर विशेष शिविर
15 से 20 जून तक योग शिविरों का आयोजन
21 जून को मंडल स्तर पर गैर-राजनीतिक योग दिवस
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश की दशा और दिशा बदली है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीबों, किसानों, महिलाओं, और युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी का हर कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों से अवगत कराएगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी इस अभियान को जनता से सीधे संवाद का माध्यम बताया।
कांग्रेस का हमला – “जुमलों की सरकार”
जहां भाजपा केंद्र की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है, वहीं कांग्रेस ने इस अभियान को लेकर कड़ा हमला बोला है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू ने कहा कि भाजपा सरकार को पहले यह बताना चाहिए कि पहले कार्यकाल के कौन से संकल्प पूरे हुए।
यह संकल्प से सिद्धि नहीं, बल्कि ‘जुमलों से भ्रम’ तक का अभियान है
– धनेंद्र साहू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हर चुनाव में भाजपा वादे करती है, लेकिन उन्हें पूरा नहीं करती। उन्होंने केंद्र सरकार पर झूठा प्रचार और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
राजनीतिक तापमान तेज
राज्य में अब केंद्र सरकार के 11 साल पूरे होने को लेकर सियासी तापमान चढ़ चुका है। भाजपा जहां विकास और उपलब्धियों की बात कर रही है, वहीं कांग्रेस विफलताओं और अधूरे वादों को गिना रही है।





