समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने माता प्रसाद पांडेय को यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। जिस पर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने जोरदार हमला बोला है। बसपा सुप्रीमो ने सपा अध्यक्ष के फैसले पर नाखुशी जाहिर की हैं। उन्होंने अखिलेश पर पीडीए को गुमराह करने का आरोप लगाया है। बसपा की वरिष्ठ नेता ने कहा कि सपा में जाति विशेष को छोड़कर बाकी पीडीए के लिए कोई जगह नहीं है।
सपा पर जमकर बरसी मायावती
बसपा सुप्रीमो ने अपने अधिकारिक एक्स हैंडल (पुराना नाम ट्विटर) पर लिखा, सपा मुखिया ने लोकसभा आमचुनाव में खासकर संविधान बचाने की आड़ में यहां PDA को गुमराह करके उनका वोट तो जरूर ले लिया, लेकिन यूपी विधानसभा में प्रतिपक्ष का नेता बनाने में जो इनकी उपेक्षा की गई, यह भी सोचने की बात जबकि सपा में एक जाति विशेष को छोड़कर बाकी PDA के लिए कोई जगह नहीं। ब्राह्मण समाज की तो कतई नहीं क्योंकि सपा व भाजपा सरकार में जो इनका उत्पीड़न व उपेक्षा हुई है वह किसी से छिपा नहीं। वास्तव में इनका विकास एवं उत्थान केवल BSP सरकार में ही हुआ। अतः ये लोग जरूर सावधान रहें।
माता प्रसाद पांडे बने नेता प्रतिपक्ष
दरअसल सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार 27 जुलाई को सपा के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडेय को यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाने की घोषणा की। पार्टी के नेता इसे बड़ा दांव मान रहे हैं। सपा नेताओं के मुताबिक इससे पूर्वांचल के ब्राह्मण वोटरों पर असर पड़ेगा और पीडीए के साथ सवर्ण वोट भी पार्टी के करीब आएगा। माता प्रसाद पांडे सपा के पुराने नेता रहे हैं। वो सपा अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के भी करीबी नेताओं में गिने जाते हैं।
अखिलेश रह चुके हैं इस पद पर
जानकारी के लिए बता दें कि आज यानी सोमवार 29 जुलाई से यूपी विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। इससे ठीक पहले सपा ने माता प्रसाद पांडेय को यह बड़ी जिम्मेदारी दी है। सपा की तरफ से माता प्रसाद पांडेय को नेता प्रतिपक्ष बनाया है। जबकि इस पद के लिए दलित चेहरे इंद्रजीत सरोज और चाचा शिवपाल सिंह यादव का नाम की भी चर्चा चल रही थी। वहीं यूपी की कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने और जीतने से पहले इस पद पर अखिलेश यादव थे। लेकिन अब यह पद माता प्रसाद पांडेय जो सिद्धार्थनगर की इटवा विधानसभा सीट से विधायक हैं अब उनके पास है।