असम लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष को 14 साल की सजा, पैसे लेकर दी थी नौकरी

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image

पॉल और दो अन्य पूर्व सदस्यों को धोखाधड़ी के एक मामले में सात साल के कठोर कारावास, जालसाजी के लिए सात साल और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामलों के लिए 10 साल की सजा सुनाई गई।

असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष राकेश पॉल को एक विशेष अदालत ने राज्य में कृषि विकास अधिकारियों की भर्ती से जुड़े ‘पैसे लेकर नौकरी देने’ के मामले में सोमवार को 14 साल की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश दीपांकर ठाकुरिया ने अपने आदेश में एपीएससी के दो अन्य पूर्व सदस्यों बसंत कुमार डोले और समेदुर रहमान को 10 साल की सजा सुनाई, जबकि 29 अन्य को चार साल की सजा सुनायी।

पॉल और दो अन्य पूर्व सदस्यों को धोखाधड़ी के एक मामले में सात साल के कठोर कारावास, जालसाजी के लिए सात साल और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामलों के लिए 10 साल की सजा सुनाई गई। पॉल के मामले में सजा एक के बाद एक चलेगी, लेकिन दंड प्रक्रिया संहिता के अनुसार ऐसे मामले में दोषी व्यक्ति अधिकतम 14 साल तक जेल में रह सकता है, इसलिए वह 14 साल जेल में सजा काटेगा। 

10 साल जेल में रहेंगे डोले और रहमान

डोले और रहमान के मामले में सजा एकसाथ चलेगी और वे 10 साल जेल में रहेंगे। डोले, रहमान और अन्य अधिकारियों के साथ पॉल को कृषि विकास अधिकारी (एडीओ) भर्ती परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों के अंकों से छेड़छाड़ के मामले में दोषी ठहराया गया था। इस परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त करने में विफल रहे एक अभ्यर्थी की शिकायत पर एक मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पैसे के बदले एक अन्य अभ्यर्थी के अंक बढ़ाये गए थे। 

Raipur Police: रायपुर में पुलिस का बड़ा चेकिंग अभियान, बीएसयूपी कॉलोनी के 300 से ज्यादा मकानों की हुई जांच

Raipur Police: 100 से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने चलाया सघन सत्यापन अभियान

Madrasa Demolition: भिलाई में सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर

Madrasa Demolition: अय्यप्पा नगर में निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई,

CG TOP 10: विकास परियोजनाओं से लेकर हाईकोर्ट के फैसले तक

1. CG TOP 10: जांजगीर-चांपा में 295 करोड़ के विकास कार्यों की