मुख्य बिंदु:
Contents
- ज़ोमैटो ने अपने कस्टमर सपोर्ट विभाग में 600 नौकरियां काट दी हैं।
- कंपनी ने इन कर्मचारियों को पिछले साल ही नौकरी पर रखा था।
- कारण: फूड डिलीवरी बिजनेस की ग्रोथ धीमी होना और ब्लिंकिट (Blinkit) में नुकसान।
- AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के ज़रिए अब कस्टमर क्वेरी हल की जाएंगी।
क्या हुआ?
ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी ज़ोमैटो ने 1 अप्रैल 2025 को अपने कस्टमर सपोर्ट विभाग में काम कर रहे 600 कर्मचारियों की नौकरियां काट दीं। ये सभी कर्मचारी पिछले साल Zomato Associate Accelerator Program (ZAAP) के तहत भर्ती किए गए थे।

नौकरियां क्यों गईं?
- बिजनेस स्लोडाउन: ज़ोमैटो के मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस की ग्रोथ कम हुई है।
- ब्लिंकिट का नुकसान: ज़ोमैटो की क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट (Blinkit) को भारी नुकसान हो रहा है।
- AI का बढ़ता इस्तेमाल: ज़ोमैटो अब कस्टमर क्वेरीज़ को AI से हल करेगा, जिससे लागत कम होगी।
कर्मचारियों को क्या मिला?
- नौकरी जाने वाले कर्मचारियों को सिर्फ 1 महीने का वेतन मिला।
- उन्हें कोई नोटिस पीरियड नहीं दिया गया।
- कंपनी का कहना है कि ये कर्मचारी परफॉर्मेंस और टाइमिंग के मामले में खराब थे।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
- कुछ कर्मचारियों ने रेडिट पर शिकायत की कि उन्हें बिना किसी चेतावनी के निकाल दिया गया।
- एक यूजर ने लिखा – “मुझे सिर्फ 28 मिनट लेट आने के कारण निकाल दिया गया, जबकि मेरा परफॉर्मेंस अच्छा था।”
शेयर मार्केट पर असर
- इस खबर के बाद भी ज़ोमैटो का शेयर 0.84% ऊपर रहा और ₹203.20 पर बंद हुआ।
- गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने हाल ही में ज़ोमैटो के शेयर खरीदे हैं।
आगे क्या होगा?
- ज़ोमैटो अब AI और ऑटोमेशन पर ज़ोर देगा।
- कस्टमर सपोर्ट में और भी नौकरियां जा सकती हैं।
- कर्मचारियों के लिए यह चिंता का विषय है।
निष्कर्ष:
ज़ोमैटो जैसी कंपनियां अब AI और कॉस्ट कटिंग की तरफ बढ़ रही हैं। इससे नौकरियां जा रही हैं, लेकिन कंपनी को फायदा हो रहा है। भविष्य में और भी लेबर कटौती हो सकती है।