Isa Ahmad
पीलीभीत। जिले के पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव टांडा छत्रपति नवदिया में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत पर काम करने गए 30 वर्षीय युवक छोटेलाल पुत्र खेमकरण की बाघ के हमले में मौत हो गई। बुधवार सुबह उसका अधखाया शव जंगल के पास मिला, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई और गांव में कोहराम मच गया।
जानकारी के मुताबिक, छोटेलाल मंगलवार सुबह अपने खेत पर गया था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे खेत के पास जंगल में उसका शव बरामद हुआ। परिजनों ने बताया कि बाघ ने उस पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के समय नजदीकी वन विभाग चौकी पर तैनात कर्मचारी मौके से गायब थे। बाद में ग्रामीणों की खोजबीन के दौरान वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव बरामद किया गया।
सूचना पर तहसीलदार कलीनगर वीरेन्द्र कुमार, सीओ पूरनपुर, और विधायक पुत्र रितुराज पासवान मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
बताया गया कि मृतक की पत्नी शारदा देवी की सात वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो चुकी थी। अब उसके दो मासूम बच्चे- 16 वर्षीय पुष्पा और 10 वर्षीय आकाश- पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और वन विभाग की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बाघ की लगातार मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिसके चलते ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जा रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।





