Mohit Jain
World’s Tallest Shivling: आज धार्मिक इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण जुड़ने जा रहा है। विश्व का सबसे ऊँचा शिवलिंग आज बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में स्थापित किया जाएगा। यह भव्य शिवलिंग 33 फीट ऊँचा और 210 मीट्रिक टन वजनी है, जिसे तैयार होने में पूरे 10 साल लगे हैं।
World’s Tallest Shivling: 10 वर्षों की मेहनत से हुआ निर्माण
इस विशाल शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम क्षेत्र में ब्लैक ग्रेनाइट मोनोलिथ पत्थर से किया गया है। प्रसिद्ध शिल्पकार हेमलता देवी के निर्देशन में दर्जनों कलाकारों ने वर्षों तक अथक परिश्रम कर इसे आकार दिया। शिवलिंग में 1008 सहस्त्रलिंगम भी अंकित हैं, जो इसे और भी विशेष बनाते हैं।

46 दिन की लंबी यात्रा
यह शिवलिंग 21 नवंबर 2025 को तमिलनाडु से रवाना हुआ था और 46 दिनों की यात्रा के बाद 5 जनवरी 2026 को मोतिहारी पहुंचा। इस दौरान यह आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होते हुए करीब 2565 किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर परिसर तक लाया गया।
World’s Tallest Shivling: आधार पीठ पर की जा रही स्थापना
मंदिर परिसर में पहले से तैयार की गई विशेष आधार पीठ पर शिवलिंग को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच खड़ा किया गया है। अब सहस्त्रलिंगम स्थापना और विधिवत धार्मिक अनुष्ठानों की प्रक्रिया जारी है।

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World’s Tallest Shivling: भक्तों में भारी उत्साह
शिवलिंग की स्थापना को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे हुए हैं और “हर-हर महादेव” के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है।
विश्व का यह सबसे ऊँचा शिवलिंग न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा, बल्कि आने वाले समय में यह आध्यात्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र भी साबित होगा।





