BY: MOHIT JAIN
आज पूरी दुनिया में विश्व नदी दिवस (World Rivers Day 2025) मनाया जा रहा है। जीवन का आधार जल है और जल का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत नदियां हैं। मानव सभ्यता की शुरुआत से ही नदियों का हमारे जीवन में विशेष स्थान रहा है। प्राचीन नगर, संस्कृतियां और व्यापारिक केंद्र ज्यादातर नदियों के किनारे ही बसे। भारत में तो नदियों को मां और देवी का दर्जा दिया गया है। ऐसे में नदियों के महत्व और संरक्षण की चर्चा करना बेहद जरूरी हो जाता है।
क्यों मनाया जाता है विश्व नदी दिवस?

विश्व नदी दिवस हर साल सितंबर के चौथे रविवार को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में नदियों के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इस दिन का मकसद है:
- लोगों को नदियों की सेहत बनाए रखने के लिए प्रेरित करना।
- सरकारों, संगठनों और आम जनता को नदियों को बचाने के प्रयासों में जोड़ना।
- प्रदूषण, अंधाधुंध जल निकासी और अवैध निर्माण जैसे खतरों की ओर ध्यान खींचना।
आज नदियां सिर्फ पानी का स्रोत नहीं हैं, बल्कि लाखों लोगों की आजीविका का आधार भी हैं। लेकिन बढ़ते प्रदूषण और अतिक्रमण के कारण कई नदियां संकट के दौर से गुजर रही हैं। यही कारण है कि इस दिवस को वैश्विक स्तर पर मनाकर जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
विश्व नदी दिवस 2025 की थीम
हर साल विश्व नदी दिवस को एक नई थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल की थीम है – “हमारी नदियां, हमारा भविष्य”।
यह थीम हमें याद दिलाती है कि यदि हम आज नदियों को प्रदूषण और अतिक्रमण से नहीं बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ियां गंभीर संकट का सामना करेंगी। नदियों की रक्षा करना केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारे भविष्य और अस्तित्व से भी जुड़ा हुआ है।
नदियां सिर्फ जलधारा नहीं बल्कि संस्कृति, जीवन और प्रकृति की धड़कन हैं। विश्व नदी दिवस हमें यह संदेश देता है कि अगर हम अपने भविष्य को सुरक्षित बनाना चाहते हैं तो आज से ही नदियों का संरक्षण करना होगा।





