BY: MOHIT JAIN
भारत की महिला बॉक्सिंग को एक बार फिर गर्व महसूस कराने वाला पल आया है। लिवरपूल (ब्रिटेन) में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 में भारत की जैस्मिन लंबोरिया ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं नूपुर श्योराण ने सिल्वर और पूजा रानी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस बार का टूर्नामेंट भारतीय महिला बॉक्सरों के लिए ऐतिहासिक रहा, जबकि पुरुष बॉक्सरों को निराशा हाथ लगी।
जैस्मिन लंबोरिया का सुनहरा सफर
57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जैस्मिन लंबोरिया ने पोलैंड की ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट जूलिया स्जेरेमेटा को 4-1 के स्प्लिट डिसीजन से हराया। पहले राउंड में पिछड़ने के बावजूद जैस्मिन ने शानदार वापसी कर मुकाबले पर पूरी तरह कब्जा जमाया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में ब्रॉन्ज जीतने वाली जैस्मिन ने पेरिस ओलंपिक 2024 में हार के बाद खुद को नए सिरे से तैयार किया था। हाल ही में अस्ताना (कजाकिस्तान) में हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था।
जैस्मिन ने जीत के बाद कहा:
वर्ल्ड चैंपियन बनकर मैं बेहद खुश हूं। पेरिस ओलंपिक में हार के बाद मैंने खुद को पूरी तरह से बदला। यह सफलता उसी मेहनत का नतीजा है।”
नूपुर श्योराण और पूजा रानी का दमदार प्रदर्शन
भारत की नूपुर श्योराण ने 80 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा।
वहीं पूजा रानी ने इस चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
जैस्मिन का चैंपियनशिप सफर
- प्री-क्वार्टर फाइनल: ब्राजील की जुसीलेन सेर्केरा रोमेउ को 5-0 से हराया
- क्वार्टर फाइनल: उज्बेकिस्तान की खुमोरानोबू मामाजोनोवा को 5-0 से मात
- सेमीफाइनल: वेनेजुएला की ओमाइलीन कैरोलिना अल्काला सेविका को 5-0 से शिकस्त
- फाइनल: पोलैंड की जूलिया स्जेरेमेटा को 4-1 से हराकर गोल्ड अपने नाम
पुरुष बॉक्सरों के लिए निराशाजनक प्रदर्शन
महिला मुक्केबाजों की कामयाबी के विपरीत पुरुष वर्ग का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। 10 सदस्यीय पुरुष टीम इस बार बिना मेडल के लौटी।
2013 के बाद यह पहला मौका है जब भारतीय पुरुष मुक्केबाज वर्ल्ड चैंपियनशिप में खाली हाथ रहे।
केवल जादुमणि सिंह मंडेनबाम और अभिनाश जमवाल क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे। बाकी खिलाड़ी शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए।
पिछली उपलब्धियां
2023 में ताशकंद वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत को पुरुष वर्ग में तीन ब्रॉन्ज मेडल मिले थे।
तब दीपक भोरिया (51 किग्रा), मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा) और निशांत देव (71 किग्रा) ने मेडल दिलाए थे।
वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 भारतीय महिला मुक्केबाजों की जीत का प्रतीक बन गई। जैस्मिन लंबोरिया का गोल्ड देश के लिए गौरव का क्षण है और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा। नूपुर श्योराण और पूजा रानी का शानदार प्रदर्शन भी भारतीय बॉक्सिंग के बढ़ते स्तर को दर्शाता है। हालांकि पुरुष बॉक्सरों को अगले टूर्नामेंट के लिए और मेहनत करने की जरूरत है।





