रिपोर्ट, खन्ना सैनी
Mathura धर्मनगरी वृंदावन में यमुना नदी की सैर के दौरान एक नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में अब तक 11 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। प्रशासनिक अमला और गोताखोरों की टीम लापता 5 अन्य लोगों की तलाश में युद्धस्तर पर जुटी हुई है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने नाविक और संबंधित ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है, जिन पर सुरक्षा मानकों की जानबूझकर अनदेखी करने का आरोप है।
Mathura ओवरलोडिंग बनी काल: क्षमता से दोगुने सवार थे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, नाव की क्षमता सीमित थी, लेकिन कमाई के लालच में नाविक ने उसमें निर्धारित संख्या से कहीं अधिक लोगों को बिठा लिया था। नदी के बीचों-बीच पहुँचते ही नाव असंतुलित हो गई और देखते ही देखते गहरे पानी में समा गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद मल्लाहों ने कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और भीड़ के कारण 11 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
Mathura प्रशासनिक कार्रवाई: सुरक्षा मानकों की धज्जियाँ उड़ाने पर गिरफ्तारी
हादसे के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जाँच में पाया गया कि नाव पर लाइफ जैकेट या अन्य जीवन रक्षक उपकरण मौजूद नहीं थे। लापरवाही की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित नाव के नाविक और ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि घाटों पर बिना परमिट और बिना सुरक्षा इंतजामों के नाव संचालन करने वालों के खिलाफ अब विशेष अभियान चलाया जाएगा।

Mathura रेस्क्यू ऑपरेशन जारी और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश
एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीमें यमुना की लहरों में लापता 5 लोगों की तलाश कर रही हैं। वहीं, इस घटना को लेकर स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और निवासियों में भारी गुस्सा है। लोगों का आरोप है कि घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है और प्रशासन की मिलीभगत से ठेकेदार नियमों को ताक पर रखकर नावों का संचालन करते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।





