रिपोर्ट- विष्णु गौतम
दुर्ग: जमीन की गाइडलाइन और रजिस्ट्री दरों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी के विरोध में बुधवार को शहर में रियल एस्टेट कारोबारियों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। सैकड़ों बिल्डर और ब्रोकरों ने जोरदार प्रदर्शन किया और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का पुतला दहन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए जमीन और रजिस्ट्री दरों में हुई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि नई दरों से रियल एस्टेट कारोबार ठप हो जाएगा और आम लोगों के लिए घर खरीदना और मुश्किल हो जाएगा।

इस आंदोलन को कांग्रेस ने भी खुलकर समर्थन दिया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर प्रदर्शन स्थल पहुंचे और कहा कि सरकार की यह नीति “जनविरोधी” है, जो आम नागरिकों की रीढ़ पर सीधी चोट है। ठाकुर ने बढ़ी हुई दरों को तुरंत निरस्त करने की मांग की।
हंगामे के बीच प्रसिद्ध बिल्डर मनोज राजपूत अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान तनाव के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी।
बिल्डरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने गाइडलाइन और रजिस्ट्री दरों में बढ़ोतरी को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि कल से प्रदर्शन की गति बढ़ाई जाएगी, और यह विरोध अब “विस्तृत अभियान” का रूप लेगा।





