कर्नाटक के विजयपुरा जिले में हाल ही में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। केनरा बैंक की मनगुली शाखा में हुई इस चोरी को देश की अब तक की सबसे बड़ी बैंक सोना चोरी में से एक माना जा रहा है। चोरों ने 52 करोड़ रुपये मूल्य के 51 किलोग्राम सोने के गहनों पर हाथ साफ कर दिया।
इस लेख में हम जानेंगे कि यह चोरी कब और कैसे हुई, पुलिस की अब तक की जांच क्या कहती है, और क्यों यह मामला पूरे देश का ध्यान खींच रहा है।
चोरी कब और कैसे हुई?
तारीख और समय का अनुमान
- चोरी की तारीख: 23 मई 2025
- पता कब चला: 26 मई 2025, जब बैंक कर्मचारी वीकेंड के बाद लौटे
- संभावित समय: पुलिस का अनुमान है कि चोरी 23 मई शाम 6 बजे से 25 मई सुबह 11:30 बजे के बीच हुई
विजयपुरा के एसपी लक्ष्मण निंबर्गी ने बताया कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए चोरों ने वीकेंड का फायदा उठाया। 23 मई को दूसरा शनिवार और उसके बाद रविवार और सोमवार को छुट्टी थी, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने पूरा ऑपरेशन बिना किसी बाधा के अंजाम दिया।
कैसे घुसे चोर बैंक में?
पुलिस की जांच के अनुसार, यह चोरी बेहद सुनियोजित और प्रोफेशनल तरीके से की गई थी:
- चोर नकली चाबी की मदद से बैंक में घुसे
- अलार्म सिस्टम और CCTV कैमरे बंद कर दिए
- NVR (Network Video Recorder) भी साथ ले गए, जिससे कोई फुटेज नहीं मिल सका
- सिर्फ लॉकर खोले गए और बाकी किसी चीज को नहीं छुआ गया
सबसे हैरानी की बात यह रही कि चोरों ने जाते-जाते एक काले रंग की गुड़िया मौके पर छोड़ी, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे किसी प्रकार की अंधविश्वासी रस्म निभाई गई हो।
कितने लोग शामिल थे?
- पुलिस को शक है कि 6 से 8 चोर इस वारदात में शामिल थे
- 8 जांच टीमें इस मामले पर काम कर रही हैं
- अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच तेजी से चल रही है
क्या यह पहली बार है जब बैंक को बनाया गया निशाना?
नहीं, कर्नाटक में इससे पहले भी कई बड़ी बैंक चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं:
अक्टूबर 2024: दावणगेरे, एसबीआई शाखा
- चोरी गई राशि: 13 करोड़ रुपये के सोने के गहने
- स्थान: न्यामती शहर, दावणगेरे जिला
- गिरफ्तारी: 6 आरोपी पकड़े गए
जनवरी 2025: मंगलुरु, कोटेकर
- चोरी गई राशि: 12 करोड़ रुपये
- बैंक: व्यवसाय सेवा सहकारी संघ बैंक
- गिरफ्तारी: 6 आरोपी पकड़े गए
इस चोरी का देशव्यापी महत्व क्यों है?
यह घटना केवल एक बैंक डकैती नहीं है, बल्कि यह देश की बैंक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है:
- कैसे चोर बिना किसी शोर-शराबे के बैंक में घुसे?
- क्या बैंक सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जरूरत है?
- क्या त्योहारों और वीकेंड्स के दौरान बैंक की निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए?
विजयपुरा कैनरा बैंक चोरी भारत की सबसे बड़ी सोना चोरियों में शामिल हो गई है। इस घटना ने न केवल पुलिस प्रशासन को सतर्क किया है, बल्कि बैंकों को भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है।
जांच अभी जारी है, लेकिन इस केस की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं।





