Mohit Jain
Vande Bharat Sleeper: कोटा में मंगलवार को स्वदेशी तकनीक से निर्मित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (वर्जन-2) का फाइनल हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ट्रेन ने कोटा-नागदा रेलवे ट्रैक पर 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ते हुए सभी तकनीकी मानकों की पुष्टि की। लोको पायलट ने चार ग्लास में पानी रखा, जो इतनी उच्च गति में भी छलका नहीं। यह प्रदर्शन भारतीय रेलवे की तकनीकी क्षमता और उच्च गति वाली ट्रेनों के निर्माण में देश की प्रगति को दर्शाता है।
Vande Bharat Sleeper: ट्रायल प्रक्रिया और तकनीकी जांच
16 कोच की इस नई पीढ़ी की ट्रेन को कोटा से नागदा के लिए रवाना किया गया। ट्रायल के दौरान ट्रेन की स्थिरता, कंपन, आपातकालीन ब्रेक प्रणाली और संरक्षा प्रणालियों की पूरी जांच की गई। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि ट्रेन ने सभी तकनीकी परीक्षणों में संतोषजनक प्रदर्शन किया। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग और मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा की मौजूदगी में सभी निर्धारित तकनीकी मानकों की विस्तृत समीक्षा की गई। ट्रायल के दौरान ट्रेन की राइड क्वालिटी, ब्रेक क्षमता और तकनीकी संतुलन को भी गंभीरता से परखा गया।

रेल मंत्री ने कहा – ‘न्यू जनरेशन ट्रेन’
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस सफल ट्रायल के बाद इसे ‘न्यू जनरेशन ट्रेन’ बताया। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और विश्वसनीय अनुभव प्रदान करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर ट्रायल की सफलता की जानकारी साझा की और इसे भारतीय रेलवे के लिए मील का पत्थर करार दिया। मंत्री ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर नई तकनीक और उन्नत सुविधाओं के साथ देशभर में हाई-स्पीड नेटवर्क को मजबूती देगी।
Vande Bharat Sleeper tested today by Commissioner Railway Safety. It ran at 180 kmph between Kota Nagda section. And our own water test demonstrated the technological features of this new generation train. pic.twitter.com/w0tE0Jcp2h
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) December 30, 2025
Vande Bharat Sleeper: विशेष सुविधाओं से लैस 16 कोच
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की यात्राओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई है। इसमें आरामदायक बर्थ व्यवस्था, एडवांस सस्पेंशन सिस्टम, ऑटोमैटिक गेट, आधुनिक टॉयलेट, आग और सुरक्षा निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी सुरक्षा, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली और ऊर्जा दक्ष प्रणालियां मौजूद हैं। इन सुविधाओं की वजह से यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और विश्वसनीय यात्रा का अनुभव मिलेगा।
उच्च तकनीकी क्षमता और सुरक्षा
ट्रेन में स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे उच्च गति में भी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इसकी ब्रेक प्रणाली और सस्पेंशन तकनीक यात्रियों के लिए स्थिर और कम कंपन वाली यात्रा प्रदान करती है। रेलवे मंत्रालय का कहना है कि यह ट्रेन भारतीय रेलवे के हाई-स्पीड नेटवर्क को और मजबूत करेगी और भविष्य में अन्य मार्गों पर भी परिचालित की जा सकेगी।

ट्रायल के दौरान ट्रेन की सभी प्रणालियों की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें राइड क्वालिटी, आपातकालीन ब्रेक सिस्टम और संरक्षा प्रोटोकॉल का परीक्षण शामिल था। ट्रेन ने उच्च गति में भी संतुलित और सुरक्षित प्रदर्शन किया। यह ट्रायल रेलवे तकनीक के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता और इंजीनियरिंग कौशल का प्रमाण है।
Vande Bharat Sleeper: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का सफल फाइनल ट्रायल यह साबित करता है कि भारत स्वदेशी तकनीक के दम पर उच्च गति वाली, सुरक्षित और आरामदायक ट्रेनों के निर्माण में सक्षम है। नई पीढ़ी की इस ट्रेन से न केवल यात्रियों को तेज और विश्वसनीय यात्रा मिलेगी, बल्कि रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने और आर्थिक दृष्टि से देश को मजबूती देने में भी अहम योगदान होगा। उच्च तकनीकी मानकों के सफल परीक्षण ने भारतीय रेलवे की क्षमता, इंजीनियरिंग कौशल और भविष्य की योजनाओं की दिशा स्पष्ट कर दी है।

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वंदे भारत स्लीपर ट्रेन देशभर के प्रमुख मार्गों पर परिचालित होगी और यात्रियों को नई यात्रा सुविधा का अनुभव कराएगी। यह ट्रेन भारतीय रेलवे की आत्मनिर्भरता, नवाचार और तकनीकी प्रगति का प्रतीक है। यात्रियों के लिए यह केवल एक यात्रा का साधन नहीं, बल्कि सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिकता का अनुभव भी होगी। ट्रेन के संचालन से भारत का हाई-स्पीड रेल नेटवर्क और भी सक्षम, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल होगा।





