Edit by: Priyanshi Soni
Vaishno Devi snowfall : जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में इस साल की पहली बर्फबारी हुई। गुरुवार को त्रिकुटा पर्वत पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई, जिससे पूरे तीर्थयात्रा मार्ग पर अनोखे और मनोहारी दृश्य देखने को मिले।
Vaishno Devi snowfall: भद्रवाह घाटी में भी बर्फबारी, मौसम ने बढ़ाई ठंडक
भद्रवाह घाटी में शुक्रवार सुबह इस मौसम की पहली बर्फबारी देखने को मिली। स्थानीय लोग और कश्मीर घूमने आए पर्यटक इस दृश्य को देखकर प्रसन्न हुए। बर्फ से ढकी सड़कें और गलियां पूरे इलाके की खूबसूरती को और बढ़ा रही हैं। प्रशासन और पुलिस ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
Vaishno Devi snowfall: जम्मू के प्रमुख पर्यटन स्थल भी हुए बर्फ से सजे
Jai Mata Di …!!!
— Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board (@OfficialSMVDSB) January 23, 2026
Season’s first snowfall at shri Mata Vaishno Devi Bhawan.
Devotees were blessed to witness breathtaking weather as fresh snow gently adorned the holy surroundings of Maa Vaishno Devi Bhawan and Bhairon Temple, filling the atmosphere with serenity, devotion,… pic.twitter.com/DVQZ38IaYQ
जम्मू जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन बटोटे में भारी बर्फबारी हुई। इसके अलावा पटनीटॉप, नाथाटॉप और सनासर जैसे पर्यटन स्थल भी बर्फ से ढक गए। इससे स्थानीय व्यवसायियों, होटल मालिकों, टैक्सी ड्राइवरों, खच्चर और घोड़े वालों, फोटोग्राफरों और दुकानदारों में खुशी की लहर दौड़ गई।
बर्फबारी से कृषि, जलस्तर और स्वास्थ्य को मिलेगा लाभ

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जम्मू प्रांत में आधी रात से शुरू हुई बारिश धीरे-धीरे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी में बदल गई। इस प्राकृतिक घटना से बिजली उत्पादन में सुधार, भूजल स्तर में वृद्धि और फल-सब्जी उत्पादन में लाभ की उम्मीद है। साथ ही वातावरण में धूल और प्रदूषण कम होने से लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
Vaishno Devi snowfall: पर्यटन में तेजी, होटल और स्थानीय व्यवसायियों को राहत
बर्फबारी के कारण अब पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। माता वैष्णो देवी मंदिर से आने वाले श्रद्धालु बर्फबारी का आनंद लेने के लिए पहुंचेंगे। अप्रैल में पहलगाम नरसंहार, ऑपरेशन सिंदूर और बारिश से पर्यटन प्रभावित हुआ था, लेकिन अब बर्फबारी से होटल मालिकों, छोटे व्यापारियों और ठेले वालों के लिए रोजगार और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
Read also: US exits WHO: अमेरिका ने WHO से सदस्यता समाप्त की , अब करेगा केवल सीमित स्वास्थ्य सहयोग





