US Iran war funding: अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने कहा है कि ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान के लिए अमेरिका के पास धन की कोई कमी नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युद्ध के बढ़ते खर्च को लेकर चिंता बढ़ रही है। इसी बीच Donald Trump प्रशासन रक्षा बजट को मजबूत करने के लिए कांग्रेस से 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि मांगने की तैयारी में है। लंबे समय तक खिंचते इस संघर्ष ने आम अमेरिकी नागरिकों के बीच महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
US Iran war funding: टैक्स बढ़ाने की संभावना से इनकार
NBC न्यूज के कार्यक्रम “Meet the Press” में बातचीत के दौरान बेसेंट ने साफ कहा कि युद्ध के खर्च को पूरा करने के लिए टैक्स नहीं बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था इस अभियान को जारी रखने में सक्षम है। उनके मुताबिक, प्रस्तावित अतिरिक्त फंडिंग अनिवार्य नहीं बल्कि भविष्य की तैयारियों को मजबूत करने के लिए है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह अतिरिक्त धन कहां से जुटाया जाएगा, जबकि इस प्रस्ताव को पहले ही राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
US Iran war funding: ट्रंप के सख्त रुख का समर्थन
बेसेंट ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि कई बार हालात को नियंत्रित करने के लिए सख्ती जरूरी होती है। उन्होंने ट्रंप की तीखी बयानबाजी को सही ठहराते हुए कहा कि ईरान जैसे देश कड़े संदेश ही समझते हैं। हाल ही में ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर रुख नहीं बदला, तो उसके अहम पावर प्लांट्स को निशाना बनाया जा सकता है।
US Iran war funding: महंगा साबित हो रहा युद्ध, वैश्विक असर
ईरान के साथ चल रहा यह संघर्ष अमेरिका के सबसे महंगे सैन्य अभियानों में शामिल होता जा रहा है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती चरण में ही अरबों डॉलर खर्च हो चुके हैं। इस टकराव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिख रहा है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव के कारण तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसका सीधा असर अमेरिकी नागरिकों पर पड़ रहा है, जिससे प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है।
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