गाजियाबाद: रईसपुर गांव के पर्यावरण कार्यकर्ता सुरविंदर किसान की शादी इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। उनकी शादी का निमंत्रण पत्र और उसमें लिखे 10 संकल्प लोगों को काफी आकर्षित कर रहे हैं। यह शादी पर्यावरण संरक्षण और समाज में बदलाव का संदेश देती है।
अनोखी परंपरा: दहेज में पौधे, विदाई बैलगाड़ी से
सुरविंदर ने अपनी शादी सादगी और सामाजिक जागरूकता के साथ करने का निर्णय लिया। पारंपरिक दहेज की जगह उन्होंने लड़की के परिवार से 11,000 पौधे लेने की अनूठी पहल की। इतना ही नहीं, दुल्हन की विदाई बैलगाड़ी से की गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
शादी के निमंत्रण पत्र में 10 संकल्प
सुरविंदर ने अपने निमंत्रण पत्र में 10 वचन दिए हैं, जो समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सादगी को बढ़ावा देने का संकल्प लेते हैं। यह पहल न केवल फिजूल खर्च को रोकने का उदाहरण है, बल्कि युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का भी एक प्रयास है।
समाज और नेताओं की सराहना
इस अनोखी शादी में कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां भी शामिल हुईं। किसान नेता वी. एम. सिंह, पूर्व मेयर आशु वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता ऋचा सूद और कांग्रेस नेत्री डॉली शर्मा सहित कई गणमान्य लोगों ने शादी में शिरकत कर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
सुरविंदर किसान का संदेश
सुरविंदर का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। उनका मानना है कि अगर हर कोई सादगी से शादी करे और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे, तो समाज और प्रकृति दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।
गाजियाबाद की यह शादी न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि सादगी, समाज सेवा और जागरूकता का प्रतीक बन गई है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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