BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश में गहराते एलपीजी (LPG) संकट को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने चेतावनी दी कि गैस की भारी किल्लत के कारण न केवल आम आदमी की रसोई प्रभावित हो रही है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की कमर भी टूट रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो देश भर में लगभग 1 करोड़ लोग बेरोजगार हो सकते हैं।

New Delhi होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: सप्लाई चेन में 55% की भारी गिरावट
केजरीवाल ने इस संकट के तकनीकी कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत अपनी जरूरत का 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) के रास्ते आता है। अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण यह मार्ग बाधित होने से भारत की गैस सप्लाई में 50-55 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है, जिससे अब कालाबाजारी भी चरम पर है।

New Delhi होटल-रेस्तरां उद्योग पर ताला: मुंबई से लेकर पंजाब तक संकट
केजरीवाल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सरकार द्वारा कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई रोकने से होटल और रेस्तरां उद्योग तबाह हो रहा है।

- मुंबई: 20 प्रतिशत रेस्तरां बंद हो चुके हैं, अगले दो दिनों में यह संख्या 50 प्रतिशत तक पहुँच सकती है।
- गुजरात: मोरबी की टाइल इंडस्ट्री में 170 से अधिक इकाइयां बंद हो चुकी हैं, जिससे 1 लाख लोग सड़क पर आ गए हैं।
- शादी का सीजन: गैस की कमी के कारण हजारों परिवारों को अपनी शादियां स्थगित (Postpone) करनी पड़ सकती हैं।
New Delhi अर्थव्यवस्था और रोजगार पर मंडराता ‘ब्लैकआउट’
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल खाद्य उद्योग ही नहीं, बल्कि हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के उद्योग भी गैस की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करे। केजरीवाल के अनुसार, पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देना सही है, लेकिन कमर्शियल सप्लाई पूरी तरह ठप होने से देशव्यापी आर्थिक और सामाजिक संकट गहरा सकता है।





