Under Water Tiranga : अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए समुद्र की गहराइयों में भारत का सबसे बड़ा तिरंगा फहराकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है। यह अनोखा कारनामा स्वराज द्वीप (हैवलॉक द्वीप) के राधानगर बीच पर अंजाम दिया गया, जहां पानी के भीतर एक विशेष अभियान चलाकर इस विशाल ध्वज को स्थापित किया गया।
Under Water Tiranga : इस तिरंगे की लंबाई करीब 60 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर बताई जा रही है। इस मिशन में कई सरकारी एजेंसियों के साथ प्रशिक्षित गोताखोरों की अहम भूमिका रही। अंडमान निकोबार पुलिस, भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और वन विभाग के सहयोग से यह जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
Under Water Tiranga : इस ऐतिहासिक पल के दौरान उपराज्यपाल डी.के. जोशी, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के निर्णायक ने इस उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर मान्यता देते हुए प्रमाण पत्र भी सौंपा।

इस आयोजन की खास बात यह रही कि 200 से अधिक गोताखोरों के बीच तीन स्कूली छात्र—फतेह जहां सिंह (16), लावण्या एरा (15) और रणविजय सिंह (14)—सबसे कम उम्र के प्रतिभागी रहे। इन युवाओं ने भी इस ऐतिहासिक प्रयास में हिस्सा लेकर सबका ध्यान आकर्षित किया।

Under Water Tiranga : प्रतिभागियों ने बताया कि समुद्र के भीतर तिरंगे को थामना उनके लिए बेहद गर्व और भावनात्मक अनुभव रहा। इस उपलब्धि को अंडमान निकोबार द्वीप समूह के लिए एक बड़ी पहचान के रूप में देखा जा रहा है, जो यहां के साहसिक पर्यटन और समुद्री गतिविधियों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।
प्रशासन अब एक और रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। स्वराज द्वीप के लाइटहाउस डाइव साइट पर पानी के भीतर “सबसे ऊंचा मानव पिरामिड” बनाने की योजना है, जिससे एक और विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने की कोशिश की जाएगी।

