यूक्रेन और रूस के बीच तीन साल से अधिक समय से जारी युद्ध में रविवार को एक ऐतिहासिक मोड़ आया। यूक्रेन ने एक बेहद योजनाबद्ध और साहसिक ड्रोन हमले में रूस के एयरबेस पर हमला कर 41 से अधिक बमवर्षक विमानों को तबाह कर दिया। इस ऑपरेशन को ‘स्पाइडर वेब’ नाम दिया गया है, जिसे यूक्रेनी सुरक्षा सेवा (SBU) ने रूस पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया है।
हमले की प्रमुख बातें:
- ऑपरेशन ‘स्पाइडर वेब’ के तहत 117 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
- यूक्रेन ने 7 अरब डॉलर के रूसी नुकसान का दावा किया।
- हमले को 18 महीने की गुप्त योजना के बाद अंजाम दिया गया।
- बमवर्षक विमानों Tu-95, Tu-22 और A-50 को नष्ट किया गया।
- तुलना की जा रही है 1941 के पर्ल हार्बर हमले से।
क्या था ऑपरेशन ‘स्पाइडर वेब’?
यूक्रेन ने इस ऑपरेशन की योजना एक साल से अधिक समय में बनाई। इसका उद्देश्य था रूसी हवाई हमलों को अंजाम देने वाले रणनीतिक विमानों को खत्म करना। इस ऑपरेशन की खास बात थी ड्रोन की तस्करी और गुप्त तरीके से लॉन्चिंग।
ऑपरेशन की रणनीति:
- 117 ड्रोन तैयार किए गए, जिनमें विस्फोटक भरे थे।
- इन ड्रोनों को लकड़ी के ढांचे में छिपाकर ट्रकों के जरिए रूस के एयरबेस तक पहुंचाया गया।
- ये ट्रक हवाई अड्डों के पास पहुंचने के बाद रिमोट से संचालित हुए, और ड्रोन ने वहीं से उड़ान भरकर हमला शुरू किया।
- यह हमला FSB मुख्यालय के पास से नियंत्रित किया गया, जो रूस की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी है।
किन एयरबेस को बनाया गया निशाना?
यूक्रेन के हमले ने रूस के कई रणनीतिक एयरबेस को हिला दिया, जिनमें शामिल हैं:
- मुरमांस्क
- इरकुत्स्क
- इवानोवो
- रियाजान
- अमूर
इन एयरबेस से ही रूस ने यूक्रेन पर बार-बार बमबारी की थी। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के मुताबिक, यह उनकी सेना का अब तक का सबसे लंबी दूरी वाला हमला था।
क्यों की जा रही है पर्ल हार्बर से तुलना?
यूक्रेन के इस हमले को 1941 के पर्ल हार्बर अटैक जैसा माना जा रहा है। उस ऐतिहासिक घटना में जापान ने अमेरिका के नौसैनिक अड्डे पर अचानक हमला करके द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका की भागीदारी सुनिश्चित कर दी थी।
समानताएं:
- अचानक और योजनाबद्ध हमला जिससे दुश्मन चौंक गया।
- रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर सैन्य संतुलन को तोड़ना।
- लंबी दूरी से ऑपरेशन को अंजाम देना।
यूक्रेन की ओर से यह स्पष्ट संदेश है कि अब वह सिर्फ रक्षा नहीं, बल्कि हमला करने में भी सक्षम है।
रूस की प्रतिक्रिया
रूसी रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि की है लेकिन नुकसान की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, रूस के न्यूक्लियर-सक्षम विमानों की क्षति ने मॉस्को को गहरी चिंता में डाल दिया है।





