उत्तर प्रदेश: फतेहपुर जिले में तंत्र साधना के लिए मासूम की बलि चढ़ाने के मामले में अपर जिला जज कोर्ट नंबर 1 ने दो तांत्रिकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 28-28 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। आपको बतादें कि 21 मार्च 2019 को बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के नंदापुर गांव में होली के दिन फाग देखने गयी दो वर्षीय बच्ची कंचन को अगवा कर बलि देने के लिए धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद बच्ची के शव को नाले में फेंक दिया था, पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आलाकत्ल बरामद करते हुए दोनों तांत्रिकों को जेल भेज दिया था। ये दोनों तांत्रिक हेमराज व ननकू गांव में देवी जी को खुश व सिद्धि पाने के लिए छोटे-छोटे बच्चों को अगवा कर बलि चढ़ाते थे। ग्रामीणों व प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर फतेहपुर कोर्ट एक ने दोनों अपराधियों को 28-28 हज़ार के जुर्माने के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

वहीं सहायक शासकीय अधिवक्ता कल्पना पाण्डेय ने बताया कि आज हमारे यहां जो फैसला हुआ है 302 आईपीसी में अभियुक्तगण हेमराज व उसका साथी ननकू दोनों तांत्रिक है। वह छोटे-छोटे बच्चों को किडनैप करके बलि देते थे, बच्चों की देवी जी को खुश करने के लिए यह घटना सन 2019 की है नंदापुर गांव थाना बिंदकी जिला फतेहपुर की है। एक मासूम बच्ची मृतका 2 वर्ष की थी कंचन वह मुकेश की बेटी थी वह होली का दिन था, तथा बच्ची फाग देखने के लिए गांव गई थी, तो अभियुक्तगण गली में मौजूद थे, और कई दिन से बच्ची को अपने कब्जे में ले लिया था । आलाकत्ल गड़ासा से कट करके उसकी बलि चढ़ा दी थी। शव को गायब करने के लिए नाले में फेंक दिया था। उसके बाद जब घटना घटी FIR दर्ज हुई तो साक्ष्यों के बयान लिए गए, साक्ष्यों से पता चला कि अभियुक्तगण तांत्रिक हैं, तथा छोटे-छोटे बच्चों को किडनैप करके देवी जी को खुश करने के लिए बलि देते हैं। यह ऐसा काम करते हैं, थाना बिन्दकी के जितने ग्रामवासी थे, सभी का बयान आया है कि यह दोनों तांत्रिक बलि देते थे आज हमारे यहां न्यायालय में धारा 363 आईपीसी व 302 आईपीसी व 201 आईपीसी में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। भारी मात्रा में जुर्माना भी लगाया गया है । अभियुक्तगण घटना के दूसरे दिन से ही जेल चले गए थे, अब आजीवन में जेल बिताएंगे।





