by: vijay nandan
दुबई एयरशो के आखिरी दिन शुक्रवार, 21 नवंबर 2025 को भारतीय वायुसेना का स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA Tejas एक बड़े हादसे का शिकार हो गया। हवा में डेमो फ्लाइट के दौरान तेजस अचानक नियंत्रण खो बैठा और कुछ ही सेकंड में तेज़ी से नीचे गिरकर आग के गोले में तब्दील हो गया। इस दुर्घटना में पायलट की जान चली गई, जो भारत के लिए बेहद बड़ा नुकसान माना जा रहा है, खासकर तब जब कई देशों ने इस विमान को खरीदने में रुचि दिखाई थी। लेकिन अब सवाल ये भी है कि इस हादसे के पीछे कोई साजिश तो नहीं है, क्योंकि जब भी कोई एयरशो होता है, उसकी तैयारी बड़े पैमाने पर होती है।


कैसा हुआ हादसा?
दोपहर करीब 2:10 बजे यह हादसा एयर शो के दौरान लाइव प्रदर्शन के बीच हुआ। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि तेजस कुछ ही पल में नीचे आ गिरा और धमाके के साथ आग की लपटों में घिर गया। जांच टीमें दुर्घटना के कारणों की पड़ताल कर रही हैं।

तेजस भारत का उन्नत 4.5 जनरेशन मल्टी-रोल फाइटर जेट
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित तेजस, भारतीय रक्षा क्षमता का एक बड़ा प्रतीक है। यह विमान कठिन मौसम, समुद्री मिशन और कॉम्बैट ऑपरेशन संभालने के लिए डिजाइन किया गया है और इसे रिटायर्ड MiG-21 बेड़े का आधुनिक विकल्प माना जाता है।
तेजस Mk1A – सबसे आधुनिक वर्जन
तेजस का अपग्रेडेड मॉडल LCA Mk1A कई नई तकनीकों और उन्नत सिस्टम से लैस है, जो इसे और अधिक तेज, सुरक्षित और शक्तिशाली बनाते हैं।
तेजस की प्रमुख तकनीकी खूबियाँ
अत्याधुनिक एवियोनिक्स और डिफेंस सिस्टम
तेजस में कई आधुनिक सिस्टम शामिल हैं:
रडार वार्निंग + सेल्फ प्रोटेक्शन जैमर
Digital Map Generator
Smart Multi-Function Display (SMFD)
Combined Interrogator & Transponder (CIT)
Advanced Radio Altimeter
ये तकनीकें तेजस को आधुनिक हवाई युद्ध के लिए पूरी तरह सक्षम बनाती हैं।
पावरफुल इंजन
इंजन: GE F404-IN20
इंजन थ्रस्ट: 85 kN (A/B Mode)
अधिकतम ऊंचाई: 50,000 फीट
अधिकतम गति: 1.6 Mach
अधिकतम टेकऑफ भार: 13,500 Kg
हार्ड पॉइंट: 9 (मिसाइल, बम और अतिरिक्त फ्यूल टैंक लगाने के लिए)
तेजस की वर्तमान वेरिएंट्स
वायुसेना के लिए:
सिंगल-सीटर फाइटर
ट्विन-सीटर ट्रेनर
नेवी के लिए:
सिंगल-सीटर फाइटर
ट्विन-सीटर ट्रेनर
ये सभी वेरिएंट अलग-अलग मिशनों के हिसाब से डिजाइन किए गए हैं।
भारत के लिए क्यों बड़ा झटका?
तेजस क्रैश इसलिए भी चिंता का विषय है क्योंकि कई देश एलसीए तेजस में रुचि दिखा रहे थे और इस एयरशो में इसका प्रदर्शन निर्यात संभावनाओं के लिए बेहद अहम था। हादसे के बाद जांच रिपोर्ट पर दुनिया की नज़र टिकी है। साजिश पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन ने फ्रांस के रफाल को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाई, ताकि दुनिया में रफाल की बिक्री कम हो जाए और चीन के फाइटर प्लेन की बिक्री बढ़ जाए।





