अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अलास्का के एल्मेंडॉर्फ एयर बेस पर आमने-सामने मुलाकात की। यह बैठक तीन घंटे से ज्यादा चली और पूरी तरह बंद कमरे में आयोजित की गई। मुख्य एजेंडा था – यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का रास्ता तलाशना।
हालांकि उम्मीदों के बावजूद, सीजफायर (युद्धविराम) पर कोई सहमति नहीं बन पाई। अब अगली बैठक मॉस्को में होने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक के मुख्य बिंदु
- मुलाकात करीब 3 घंटे चली।
- यूक्रेन युद्ध पर गहन चर्चा हुई लेकिन युद्धविराम का समाधान नहीं निकल सका।
- प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ 12 मिनट की हुई और मीडिया से कोई सवाल नहीं लिया गया।
- ट्रंप ने बैठक को “पॉजिटिव” बताया, लेकिन किसी ठोस डील से इनकार किया।
- पुतिन ने कहा कि जंग खत्म करने के लिए उसकी “असल वजह” को दूर करना जरूरी है।
ट्रंप और जेलेंस्की की भूमिका
बैठक से पहले ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने साफ कहा था कि यूक्रेन के बिना, यूक्रेन पर कोई फैसला नहीं हो सकता।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने संकेत दिए कि आगे की वार्ता में जेलेंस्की को शामिल किया जा सकता है।
पुतिन का यूरोप को संदेश
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि इस मुद्दे में यूरोपीय नेताओं का दखल नहीं होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि यूरोप और यूक्रेन इस स्थिति को समझेंगे और वार्ता को बाधित नहीं करेंगे।
अगली बैठक कहां होगी?
पुतिन ने ट्रंप को मॉस्को आने का निमंत्रण दिया है। हालांकि, ट्रंप ने इस पर कोई स्पष्ट सहमति नहीं जताई और न ही इनकार किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में अगली बैठक मॉस्को में ही हो सकती है।
अलास्का में हुई यह बैठक भले ही युद्धविराम पर सहमति तक नहीं पहुंच पाई हो, लेकिन दोनों नेताओं की बातचीत से यह संकेत जरूर मिला है कि भविष्य में एक बड़ी डील की संभावना बनी हुई है। अब निगाहें मॉस्को में होने वाली अगली मुलाकात पर टिकी हैं, जहां यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में ठोस पहल हो सकती है।





