अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार लगातार वीजा और आप्रवासन नीतियों को लेकर सख्त कदम उठा रही है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने जानकारी दी है कि देश में वैध वीजा रखने वाले 5.5 करोड़ से अधिक विदेशी नागरिकों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
स्टेट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया सभी वैध वीजा धारकों पर लागू है और किसी भी संभावित अयोग्यता के मामले में वीजा तुरंत कैंसिल किया जा सकता है।
किन हालात में वीजा हो सकता है रद्द?
अधिकारियों के मुताबिक, वीजा रद्द करने का फैसला निम्न स्थितियों में लिया जाता है:
- वीजा अवधि से अधिक समय तक अमेरिका में रहना
- अपराध में शामिल होना
- सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पहुंचाना
- आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होना या समर्थन करना
छात्र वीजा पर विशेष नजर
सरकार विशेष रूप से विदेशी छात्रों के वीजा की समीक्षा पर जोर दे रही है। अब नए नियमों के तहत वीजा आवेदकों को अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों की जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
विदेश नीति विरोधियों पर भी कार्रवाई
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जनवरी 2025 में पद संभालने के बाद विदेश नीति विरोधियों पर कड़ा रुख अपनाया है।
- इजराइल विरोधी प्रदर्शनों में शामिल लोगों पर वीजा कैंसिल करने की कार्रवाई
- जनवरी से अब तक 6,000 वीजा रद्द किए गए
- यह संख्या राष्ट्रपति बाइडेन के कार्यकाल की तुलना में चार गुना ज्यादा है
रुबियो का कहना है कि प्रशासन के पास वीजा जारी करने और रद्द करने का पूर्ण अधिकार है और इसमें न्यायिक समीक्षा की आवश्यकता नहीं होती।
अदालतों से झटके भी मिले
हालांकि, कुछ हाई-प्रोफाइल मामलों में अदालतों ने ट्रंप प्रशासन को झटका दिया है:
- महमूद खलील, जो अमेरिका में कानूनी स्थायी निवासी हैं और फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों का हिस्सा थे, उन्हें जून में अदालत से राहत मिली।
- रुमेइसा ओजतुर्क, टफ्ट्स यूनिवर्सिटी की तुर्की की छात्रा, जिन्होंने इजराइल के खिलाफ लेख लिखा था, उन्हें भी सुनवाई तक रिहा किया गया।
ट्रंप प्रशासन की इस सख्त नीति से अमेरिका में रह रहे लाखों विदेशी छात्रों और वीजा धारकों पर बड़ा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वीजा प्रक्रिया और भी कठिन हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो विदेश नीति से जुड़े विवादों में सक्रिय रहते हैं।





