टेरिटोरियल आर्मी क्या है? भारत-पाक तनाव में इसकी भूमिका और नागरिक कैसे जुड़ें | पूरी जानकारी

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टेरिटोरियल आर्मी

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने टेरिटोरियल आर्मी (TA) को सक्रिय करने की मंजूरी दे दी है। यह सेना का एक अर्धसैनिक अंग है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। आखिर यह ‘टेरिटोरियल आर्मी’ क्या है, और इसे अभी क्यों सक्रिय किया जा रहा है? आइए समझते हैं।


टेरिटोरियल आर्मी क्या है?

टेरिटोरियल आर्मी (TA) भारतीय सेना का एक स्वैच्छिक, अंशकालिक बल है, जिसे ‘नागरिकों की सेना’ भी कहा जाता है। इसके जवानों को “टेरियर्स” कहा जाता है। ये लोग आम नागरिक होते हैं, जो नौकरी या व्यवसाय करते हुए पार्ट-टाइम सैन्य प्रशिक्षण लेते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर इन्हें सक्रिय सेवा में बुलाया जा सकता है।

टेरिटोरियल आर्मी के मुख्य कार्य:

✔ युद्ध के समय नियमित सेना की सहायता करना।
✔ सीमा या महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा करना
✔ आपदा प्रबंधन और अनिवार्य सेवाओं को बनाए रखना
✔ पर्यावरण संरक्षण (इकोलॉजिकल बटालियन्स द्वारा वृक्षारोपण)।


टेरिटोरियल आर्मी को अभी क्यों सक्रिय किया गया?

भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ने के कारण सरकार ने 14 इन्फैंट्री बटालियन (लगभग 14,000 सैनिक) को तैनात करने की अनुमति दी है। ये जवान गार्ड ड्यूटी, लॉजिस्टिक्स और सहायक भूमिकाओं में नियमित सेना की मदद करेंगे, ताकि मुख्य सेना युद्ध के लिए तैयार रहे।

टेरिटोरियल आर्मी

टेरिटोरियल आर्मी का इतिहास:

  • 1949 में स्थापना: भारत के पहले गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी ने इसकी स्थापना की।
  • युद्धों में भूमिका: 1962, 1965 और 1971 के युद्धों के अलावा ऑपरेशन पवन (श्रीलंका), जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में भाग लिया।
  • पर्यावरण संरक्षण: इकोलॉजिकल बटालियन्स ने लाखों पेड़ लगाए और आपदा प्रबंधन में मदद की।

क्या आम नागरिक टेरिटोरियल आर्मी में शामिल हो सकते हैं?

हां! TA में शामिल होकर कोई भी नागरिक अपनी नौकरी या व्यवसाय के साथ देश की सेवा कर सकता है।

योग्यता:

✅ भारतीय नागरिक होना
✅ आयु: 18 से 42 वर्ष
✅ मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक
✅ शारीरिक और मानसिक रूप से फिट
✅ नौकरी या व्यवसाय कर रहे हों (TA पार्ट-टाइम है)

नोट: नियमित सेना के जवान TA में शामिल नहीं हो सकते।


यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए TA की भूमिका अहम है। इसकी सक्रियता से नियमित सेना युद्ध के लिए तैयार रहती है, जबकि टेरियर्स सहायक भूमिकाएं संभालते हैं। यह कदम भारत की रणनीतिक तैयारियों को दर्शाता है।

मुख्य बातें:

🔹 14,000 TA जवानों को तैनात किया जा रहा है।
🔹 TA का इतिहास युद्ध और शांति दोनों में गौरवशाली रहा है।
🔹 आम नागरिक भी शामिल हो सकते हैं और देश की सेवा कर सकते हैं।
🔹 पर्यावरण बचाने में भी योगदान (इको बटालियन्स द्वारा)।


अंतिम विचार

टेरिटोरियल आर्मी सिर्फ एक रिजर्व फोर्स नहीं, बल्कि नागरिकों और सेना के बीच एक सेतु है। यह आम लोगों को देश की सुरक्षा में योगदान देने का मौका देती है। जैसे-जैसे तनाव बढ़ रहा है, TA की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

आपको टेरिटोरियल आर्मी के बारे में क्या लगता है? कमेंट में बताएं!

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