मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब एक मंदिर के पास मिट्टी की खुदाई के दौरान 45 चांदी के सिक्के मिले। करीब 500 ग्राम वजनी इन सिक्कों पर उर्दू और फारसी में अक्षर अंकित पाए गए हैं।
जैसे ही मजदूरों को सिक्के मिले, गांव में यह खबर तेजी से फैल गई और बड़ी संख्या में लोग देखने पहुंच गए। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और सिक्कों को जब्त कर लिया। अब इनकी जांच की जा रही है।
कहां मिला खजाना?
- स्थान: कैलारस तहसील का सागौरिया गांव
- संख्या: कुल 45 चांदी के सिक्के
- वजन: लगभग 500 ग्राम
- आकार: 25 पैसे के सिक्के जितने
- प्रत्येक सिक्के का वजन: 8 से 10 ग्राम
पूर्व सरपंच संतोषीलाल धाकड़ के पूर्वजों की जमीन पर बने मंदिर के पास मजदूर भराव का काम कर रहे थे। खुदाई के दौरान उन्हें यह सिक्के मिले।
सिक्कों पर उर्दू-फारसी में लिखे अक्षर
स्थानीय लोगों ने बताया कि सभी सिक्कों पर उर्दू और फारसी में अक्षर लिखे हुए हैं। अब विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह सिक्के किस दौर के हैं और इनका ऐतिहासिक महत्व कितना है।
अलीगढ़ में भी मिला था खजाना
यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में भी मजदूरों को खुदाई के दौरान 11 सोने के सिक्के मिले थे।
- यह घटना क्वार्सी थाना क्षेत्र के बरहेती गांव की थी।
- पानी निकालने के लिए गड्ढा खोदते समय सिक्के मिले थे।
- सोने के चमचमाते सिक्के देखकर गांव में भीड़ लग गई थी।
- बाद में पुलिस ने सभी सिक्कों को जब्त कर लिया था।
स्थानीय लोगों में उत्सुकता
गांव वालों का कहना है कि यह सिक्के शायद सैकड़ों साल पुराने हो सकते हैं। लोग अब इस खोज को ऐतिहासिक महत्व से जोड़कर देख रहे हैं और प्रशासन भी जांच के बाद सच्चाई सामने लाने में जुटा है।
मुरैना के मंदिर के पास मिली यह खोज स्थानीय लोगों के लिए रहस्य और उत्सुकता का विषय बन गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में इन सिक्कों का असली इतिहास क्या निकलकर आता है।





