BY: Yoganand Shrivastva
पटना, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर एक बार फिर पारिवारिक राजनीति में टकराव सामने आया है। पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें खुली चुनौती दे डाली है। महुआ विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव प्रचार करते हुए तेज प्रताप ने तेजस्वी पर कटाक्ष किया और उन्हें मुरली बजाकर अपनी ‘अर्जुन’ की भूमिका साबित करने को कहा।
तेजस्वी पर ‘अर्जुन’ वाला तंज
तेज प्रताप ने एक जनसभा में कहा, “अगर तेजस्वी अर्जुन हैं और मैं कृष्ण, तो पहले वो मुरली बजाकर दिखाएं। तब मानेंगे कि अर्जुन हैं।” इस बयान के साथ उन्होंने दोनों भाइयों के बीच की खटास को सार्वजनिक रूप से और गहरा कर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महुआ में उनकी लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक वर्चस्व की भी है।
आरजेडी से बाहर होने के बाद तेज प्रताप का नया मोर्चा
तेज प्रताप को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद लंबे समय तक वह राजनीतिक रूप से शांत रहे। अब वे महुआ सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं और एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। प्रचार के दौरान उन्होंने न केवल तेजस्वी बल्कि मौजूदा विधायक मुकेश रोशन पर भी हमला बोला।
मुकेश रोशन को कहा ‘बहरूपिया’
तेज प्रताप ने कहा, “यहां का विधायक बहरूपिया है, जो बच्चों की तरह रोता है। जब वो रोने लगे तो उसे झुनझुना दे देना चाहिए।” उन्होंने जनता से आग्रह किया कि किसी बहरूपिए के बहकावे में न आएं और उन्हें (तेज प्रताप) एक मौका दें।
विकास के वादे भी किए
तेज प्रताप ने परसौनिया की सब्जी मंडी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अगर उन्हें महुआ की जनता समर्थन देती है, तो वहां सब्जी विक्रेताओं के लिए एक आधुनिक बिल्डिंग तैयार कराई जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और गरीबों के लिए बेहतर सुविधा देने की बात कही।
परिवार में सियासी दरार गहराई
लालू यादव के दोनों बेटों के बीच मतभेद कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार यह चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ सामने आया है। तेज प्रताप के निर्दलीय रूप में उतरने और तेजस्वी को चैलेंज करने से RJD में अंदरूनी कलह और ज्यादा सतह पर आ गई है।