5 मार्च 2025 को, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तमिलनाडु में मनी लॉन्ड्रिंग की एक नई जांच के तहत व्यापक छापेमारी की। यह अभियान तमिलनाडु के मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (TASMAC) से संबंधित लोगों पर केंद्रित था। TASMAC राज्य की शराब बिक्री की सरकारी संस्था है, जिसकी देखरेख सेंथिल बालाजी के पास है।

छापेमारी का विवरण
ईडी ने सुबह 8 बजे से तमिलनाडु के दस से ज्यादा स्थानों पर तलाशी शुरू की। चार टीमों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिन्हें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने सुरक्षा दी। छापेमारी में करूर के सेंथिल बालाजी के समर्थकों जैसे सुब्रमण्यम, MCS शंकर आनंदन और कार्थी के ठिकाने शामिल थे। साथ ही, नमक्कल में सरकारी ठेकेदार MC शंकर आनंद और अन्य सहयोगियों की संपत्तियों की भी जांच हुई।
नया मामला और पुराना इतिहास
यह ताजा मामला सेंथिल बालाजी के पिछले कानूनी विवादों से अलग दिखता है। इससे पहले, 2011-2015 में AIADMK सरकार के दौरान परिवहन मंत्री रहते हुए “कैश-फॉर-जॉब्स” घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में उन्हें 14 जून 2023 को गिरफ्तार किया गया था। उस जांच में ईडी ने अगस्त 2023 में 3,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर 2024 को उन्हें जमानत दी, जिसके बाद वे 29 सितंबर 2024 को बिजली, निषेध और आबकारी मंत्री बने। लेकिन दिसंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए, क्योंकि गवाहों पर प्रभाव डालने की आशंका थी।
TASMAC पर फोकस
इस बार की छापेमारी TASMAC से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ियों पर आधारित है। सेंथिल बालाजी इस विभाग के मंत्री हैं, और जांच में सरकारी ठेकेदारों और उनके करीबियों की भूमिका भी शामिल है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ पोस्ट्स इसे भ्रष्टाचार या सत्ता के गलत इस्तेमाल से जोड़ते हैं। हालांकि, इस मामले में अभी तक स्पष्ट सबूत सामने नहीं आए हैं।
सेंथिल बालाजी का विवादित अतीत
सेंथिल बालाजी पहले भी कई जांचों का सामना कर चुके हैं। 2023 के घोटाले में उन पर परिवहन विभाग में नौकरियों के बदले पैसे लेने का इल्जाम था। उस समय ईडी ने चेन्नई, करूर और ईरोड में उनके ठिकानों पर छापे मारे थे। गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य कारणों से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। DMK ने इसे राजनीतिक साजिश बताया था, और अब भी कुछ लोग इस नई कार्रवाई को उसी तरह देख रहे हैं।
वर्तमान स्थिति और प्रतिक्रिया
5 मार्च 2025 की छापेमारी ने सेंथिल बालाजी को फिर से चर्चा में ला दिया है। X पर @TimesNow और @NewsArenaIndia जैसे यूजर्स ने इसे बड़ी खबर कहा। DMK ने पहले ईडी की कार्रवाइयों को “मानवाधिकार हनन” करार दिया था, और इस बार भी ऐसी प्रतिक्रिया की संभावना है, हालांकि अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया। सुप्रीम कोर्ट की पहले की निगरानी इस मामले को और पेचीदा बना सकती है।
निष्कर्ष
ईडी की यह नई कार्रवाई सेंथिल बालाजी के सार्वजनिक जीवन का एक और अध्याय है, जो TASMAC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर आधारित है। उनके पिछले विवादों के साथ यह घटना उनके कार्यकाल पर सवाल खड़े करती है। राजनीति, कानून और जनमत के बीच यह मामला अभी भी सामने आ रहा है।
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