संवाददाता – दिनेश नागवंशी
Chhindwara छिंदवाड़ा जिले के तामिया विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम मानेगांव में आज बिजली विभाग की कथित लापरवाही दो किसानों पर भारी पड़ गई। खेत के ऊपर से गुजर रही 11 KV की हाई-टेंशन लाइन में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण खड़ी गेहूं की तैयार फसल में भीषण आग लग गई। इस हादसे में लगभग 1.30 एकड़ से ज्यादा की फसल जलकर राख हो गई, जिससे किसानों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

Chhindwara देखते ही देखते राख का ढेर बनी ‘मेहनत’
पीड़ित किसान नवल सिंह उईके और बसंत सिंह उईके ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी। दोपहर के समय अचानक बिजली के तारों से निकली चिंगारियों ने सूखी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। हवा की गति के कारण आग तेजी से फैली और जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, डेढ़ एकड़ से अधिक क्षेत्र की फसल जलकर खाक हो चुकी थी। स्थानीय ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आसपास के अन्य खेतों को बचाया जा सका।

Chhindwara फायर ब्रिगेड न होने से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
इस घटना ने प्रशासन की तैयारियों की भी पोल खोल दी है। ग्रामीणों और किसानों ने भारी नाराजगी जताते हुए कहा कि तामिया जनपद क्षेत्र में आपातकालीन फायर ब्रिगेड की कोई व्यवस्था नहीं है। आग लगने की स्थिति में किसानों को केवल अपनी किस्मत या आपसी सहयोग पर निर्भर रहना पड़ता है। सूचना मिलते ही माहुलझिर थाना पुलिस का बल मौके पर पहुँचा और घटना स्थल का जायजा लिया।

Chhindwara मुआवजे की मांग और विभाग की लापरवाही
किसानों का आरोप है कि बिजली विभाग की ढीली लाइनों और रखरखाव की कमी के कारण यह हादसा हुआ है। उन्होंने शासन-प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है ताकि उनके हुए भारी नुकसान की भरपाई हो सके। फिलहाल पुलिस और राजस्व विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।
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