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सूरजपुर EXCLUSIVE: दीपावली से पहले कलेक्टर एस. जयवर्धन का अलग अंदाज़, बाइक से रात में किया निरीक्षण

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Surajpur EXCLUSIVE: Collector S. Jayawardhan in a different style before Diwali, conducting night inspections on his bike

रिपोर्ट- आकाश कसेरा, एडिट- विजय नंदन

सूरजपुर: दीपावली से पहले जिले के कलेक्टर एस. जयवर्धन ने प्रशासनिक चुस्ती का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसने सभी को चौंका दिया। कलेक्टर शुक्रवार की देर रात हेलमेट पहनकर बाइक पर सवार हुए और बिना पहचान बताए शहर के अलग-अलग इलाकों का जायजा लिया।

कलेक्टर ने सबसे पहले पटाखा बाजार का रुख किया, जहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन के इंतजामों की बारीकी से जांच की। उन्होंने दुकानदारों को सुरक्षा नियमों का पालन करने की हिदायत दी और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

इसके बाद कलेक्टर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने अचानक औचक निरीक्षण किया। अस्पताल में मौजूद मरीजों से बातचीत की और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने दीपावली के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल स्टाफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।

कलेक्टर एस. जयवर्धन के इस अचानक और जमीनी निरीक्षण को लेकर शहरभर में चर्चा है। लोग उनके इस सक्रिय और संवेदनशील अंदाज की सराहना कर रहे हैं।

जिला कलेक्टर (District Collector) किसी जिले का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी होता है। उसका काम जिले में सरकार की नीतियों और योजनाओं को सही तरीके से लागू कराना होता है। कलेक्टर को ही कई जगहों पर जिलाधिकारी (DM) या जिला मजिस्ट्रेट भी कहा जाता है।

जिला कलेक्टर की मुख्य जिम्मेदारियां

  • कानून-व्यवस्था बनाए रखना: जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखना कलेक्टर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। पुलिस और प्रशासन के बीच तालमेल रखना भी उन्हीं का काम है।
  • राजस्व और भूमि से जुड़े काम: जमीन के रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, मुआवजा, और सरकारी भूमि से जुड़े सारे काम कलेक्टर की निगरानी में होते हैं।
  • सरकारी योजनाओं की निगरानी: केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं, जैसे – प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, राशन वितरण आदि – सही तरीके से चल रही हैं या नहीं, यह देखने की जिम्मेदारी कलेक्टर की होती है।
  • आपदा प्रबंधन: बाढ़, सूखा, महामारी या किसी भी आपदा के समय राहत और बचाव कार्य का नेतृत्व कलेक्टर करते हैं।
  • चुनाव कराना: जिले में विधानसभा, लोकसभा या पंचायत चुनाव – सब कुछ निष्पक्ष और शांतिपूर्वक कराने की जिम्मेदारी कलेक्टर की होती है।
  • विकास कार्यों की समीक्षा: जिले में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों, और अन्य विकास परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करना कलेक्टर का काम है।
  • जन सुनवाई और जनता की समस्याएं: लोगों की शिकायतें सुनना और उनका समाधान करना कलेक्टर की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कलेक्टर जिले का “मुख्य कप्तान” होता है, जो कानून-व्यवस्था, विकास, और जनता की भलाई, तीनों को संतुलित रखता है।

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