भारतीय स्टार डबल्स जोड़ी सत्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को सिंगापुर ओपन 2025 के सेमीफाइनल में मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूई यिक के खिलाफ 19-21, 21-10, 21-18 से हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला 64 मिनट तक चला और कई बार रोमांचक मोड़ देखने को मिले।
मैच के मुख्य क्षण
- पहले गेम में शानदार तालमेल दिखाते हुए सत्विक-चिराग ने 21-19 से जीत दर्ज की।
- दूसरा गेम पूरी तरह मलेशियाई खिलाड़ियों के नाम रहा – 21-10।
- तीसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने 20-11 से पिछड़ने के बावजूद 7 मैच पॉइंट बचाए, लेकिन अंत में हार गए – 21-18।
कोर्ट पर दिखी हल्की गड़बड़ी
दूसरे गेम के अंत में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर दोनों भारतीय खिलाड़ी एक ही शटल की ओर बढ़े, लेकिन आपसी तालमेल की कमी के कारण शॉट चूक गए। इस पल ने उनकी मैच रिदम पर असर डाला। हालांकि, दोनों ने एक-दूसरे पर कोई नाराज़गी नहीं दिखाई — यह उनकी समझ और पेशेवर व्यवहार का प्रमाण था।
चोट के बाद शानदार वापसी
चिराग शेट्टी ने बताया कि पिछले दो महीनों में उन्होंने सिर्फ 10 दिन की ट्रेनिंग की थी क्योंकि पीठ की चोट ने उन्हें बाहर रखा था। इसके बावजूद सेमीफाइनल तक पहुंचना उनके लिए “एक नई शुरुआत” जैसा है।
“हमने इस टूर्नामेंट से काफी सकारात्मक चीजें हासिल की हैं। पिछले कुछ महीनों की कठिनाइयों को देखते हुए यहां तक पहुंचना ही बड़ी बात है।” – चिराग शेट्टी
तकनीकी विश्लेषण: कहां चूके सत्विक-चिराग
- नेट प्ले: पहले गेम में चिराग ने फ्रंट कोर्ट पर बढ़िया दबाव बनाया, लेकिन बाद में दोनों के बीच तालमेल कुछ जगह गड़बड़ा गया।
- दूसरे गेम में रणनीति की कमी: चिया-सोह ने तेजी से एंगल बदलने और फ्लैट रैलीज़ से भारतीयों को बैकफुट पर रखा।
- लंबाई का अनुमान: कोर्ट के एक साइड से खेलते हुए भारतीय खिलाड़ी बार-बार शॉट की लंबाई का गलत अनुमान लगाते रहे।
विश्व रैंकिंग और भविष्य की योजना
फिलहाल सत्विक-चिराग की विश्व रैंकिंग 27 है, लेकिन यह गिरावट चोट की वजह से खेल से दूरी के कारण आई है। सत्विक ने मज़ाक में कहा:
“हमें नंबर 27 पसंद नहीं आया, लेकिन ये ब्रेक की वजह से है।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि चिराग अब भी दर्द में हैं लेकिन बता नहीं रहे। इससे उनकी प्रतिबद्धता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
अगला लक्ष्य: इंडोनेशिया ओपन 2025
अब दोनों खिलाड़ी इंडोनेशिया ओपन (Super 1000) के लिए तैयारी कर रहे हैं — वही टूर्नामेंट जहां उन्होंने 2023 में चिया-सोह को हराकर खिताब जीता था। संयोग से, इस बार भी उनका सामना चिया-सोह से दूसरे राउंड में हो सकता है।
निष्कर्ष: हार नहीं, उम्मीद का संकेत
भले ही सिंगापुर ओपन 2025 में सेमीफाइनल हार मिली हो, लेकिन चोट से उबरकर इस स्तर तक पहुंचना सत्विक-चिराग की जुझारू मानसिकता का प्रतीक है। यह प्रदर्शन इस साल आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए भारतीय बैडमिंटन फैंस को उत्साहित करता है।





