शॉन कोलगन: नासा के खगोलशास्त्री की अनकही कहानी

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नासा के शॉन कोलगन: खगोल विज्ञान से लेकर निजी जिंदगी तक

बचपन और पारिवारिक पृष्ठभूमि

नासा के एम्स रिसर्च सेंटर में कार्यरत खगोलशास्त्री शॉन कोलगन के साथ यह साक्षात्कार उनके जीवन, करियर और व्यक्तिगत रुचियों को जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। यह लेख न केवल उनके पेशेवर योगदान को उजागर करता है, बल्कि उनके निजी जीवन और प्रेरणाओं को भी सामने लाता है।

जन्म और प्रारंभिक वर्ष

शॉन कोलगन का जन्म कैलिफोर्निया के ओकलैंड में हुआ था। उनके बचपन का अधिकांश समय ओकलैंड और नॉर्थ लेक ताहो के बीच बीता। उनके पिता एक मेसनरी ठेकेदार थे, जो गर्मियों में ताहो में घरों की नींव बनाने का काम करते थे, जबकि सर्दियों में वे परिवार के साथ ओकलैंड लौट आते थे। इस दोहरे जीवन ने शॉन के स्कूली शिक्षा को प्रभावित किया, क्योंकि उन्हें हर साल दो अलग-अलग स्कूलों के बीच बदलाव करना पड़ता था।

परिवार और भाई-बहन

12 साल की उम्र में, उनके परिवार ने ताहो में स्थायी रूप से बसने का फैसला किया। शॉन की माँ एक लेखिका थीं, जो यात्रा वृतांत और हाइकु कविताएँ लिखती थीं। उनका एक छोटा भाई है, जो उनसे दो साल छोटा है और अब भौतिक विज्ञान में विशेषज्ञता के साथ आईबीएम में काम करता है। उनके भाई को 2018 में “मास्टर इन्वेंटर” की उपाधि से सम्मानित किया गया था।

खगोल विज्ञान के प्रति रुचि

शॉन को खगोल विज्ञान में रुचि बचपन से ही थी। उनके माता-पिता ने उन्हें नक्षत्रों के बारे में बताया, और पांच साल की उम्र में उन्हें जन्मदिन पर एक खगोल विज्ञान की किताब मिली। ताहो की ऊँचाई और साफ आसमान ने उनकी इस रुचि को और बढ़ाया।

शिक्षा का सफर

कॉलेज और विशेषज्ञता का चयन

शॉन ने शुरूआत में यूसी रिवरसाइड में दो साल तक पढ़ाई की, फिर कैलटेक में स्थानांतरित हो गए। कैलटेक में उन्होंने खगोल विज्ञान को अपनी मुख्य धारा के रूप में चुना। यहाँ का समय उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।

पीएचडी और कॉर्नेल विश्वविद्यालय

कॉर्नेल विश्वविद्यालय में पीएचडी के दौरान शॉन ने रेडियो खगोल विज्ञान पर शोध किया। उनका अधिकांश कार्य अरेसीबो वेधशाला और वीएलए में हुआ। इस दौरान वे प्रसिद्ध वैज्ञानिक कार्ल सागन से भी मिले, हालाँकि सागन का उनके शोध पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ा।

नासा में करियर

एम्स में शुरुआत

1986 में, शॉन ने नासा के एम्स रिसर्च सेंटर में पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप के साथ अपने करियर की शुरुआत की। यहाँ उन्होंने इन्फ्रारेड खगोल विज्ञान पर काम किया और काइपर एयरबोर्न ऑब्जर्वेटरी (KAO) पर कई उड़ानें भरीं।

सुपरनोवा 1987A का अध्ययन

उनके करियर का सबसे रोमांचक पल 1987 में आया, जब सुपरनोवा 1987A का विस्फोट हुआ। उनकी टीम ने इसके इन्फ्रारेड अवलोकन के लिए विशेष तैयारी की और कई महत्वपूर्ण खोजें कीं, जो वैज्ञानिक पत्रों में प्रकाशित हुईं।

सोफिया परियोजना

1990 के दशक में KAO के बंद होने के बाद, शॉन ने सोफिया (Stratospheric Observatory for Infrared Astronomy) परियोजना में योगदान दिया। यहाँ उन्होंने सॉफ्टवेयर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, हालाँकि वे इस पर ज्यादा उड़ानें नहीं भर सके।

व्यक्तिगत जीवन और रुचियाँ

परिवार और विवाह

शॉन ने अपनी पत्नी के साथ 40 साल की शादी पूरी की है, जो उनकी सबसे बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि है। उनकी पत्नी एक टेक्सटाइल कलाकार हैं और पारंपरिक “बॉबिन लेसमेकिंग” सिखाती हैं। दंपति के कोई बच्चे नहीं हैं, लेकिन उनके पास एक प्यारा वेल्श कॉर्गी कुत्ता है।

शौक और यात्राएँ

उन्हें बागवानी, संगीत और यात्रा करना पसंद है। वे और उनकी पत्नी हर साल अगस्त में यूरोप की यात्रा करते हैं। इसके अलावा, वे वाइन टेस्टिंग और ओपेरा का आनंद लेते हैं। शॉन को फंतासी और विज्ञान कथा साहित्य पढ़ना भी पसंद है।

प्रेरणा और सपने

प्रेरणा का स्रोत

शॉन के लिए रात का आकाश उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। बचपन से ही तारों को देखना और उनके बारे में जानना उन्हें रोमांचित करता है।

सपनों का काम

उनका मानना है कि उनकी वर्तमान नौकरी उनके सपनों के करीब है, बशर्ते इसमें प्रशासनिक कार्य कम हों। वे विज्ञान और कोडिंग को सबसे अधिक पसंद करते हैं।

युवाओं के लिए सलाह

शॉन का मानना है कि खगोल विज्ञान जैसे क्षेत्र में सफलता के लिए कड़ी मेहनत और योग्यता के साथ-साथ सही समय पर सही जगह होना भी जरूरी है। वे इसे अपने करियर में “भाग्य” का योगदान मानते हैं।

पसंदीदा उद्धरण

शॉन का पसंदीदा उद्धरण उनकी माँ से लिया गया है: “अच्छे काम का इनाम और काम है।” यह उनके दादाजी का कहना था और शॉन इसे जीवन का एक सत्य मानते हैं।

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