Report by: Khanna Saini, Edit by: Priyanshi Soni
Shankaracharya Ganga Snan: प्रयागराज माघ मेला में शंकराचार्य और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई कथित झड़प को लेकर ब्रज क्षेत्र के संत समाज में गहरा रोष व्याप्त है। संतों ने इसे सनातन परंपरा का अपमान बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
शंकराचार्य का अपमान निंदनीय- दिनेश फलाहारी महाराज
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मामले के मुख्य याचिकाकर्ता गोवर्धन परासौली निवासी दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि कुछ अधिकारी जानबूझकर सरकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जैसे पूज्य संत का अपमान अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ से अपील की कि वे संतों की पीड़ा को समझते हुए शंकराचार्य को पुनः सम्मानपूर्वक गंगा स्नान कराने के निर्देश दें।
Shankaracharya Ganga Snan: दोषी अधिकारियों पर हो सख्त कार्रवाई- स्वामी अतुल कृष्ण दास

स्वामी अतुल कृष्ण दास महाराज ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने संतों के साथ दुर्व्यवहार किया, चोटी खींची और मारपीट की। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की, साथ ही शंकराचार्य का सम्मानपूर्वक स्नान सुनिश्चित कराने की बात कही।
सनातन धर्म का अपमान बताया गया मामला
महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने कहा कि शंकराचार्य की पीठ भगवान शिव की गद्दी मानी जाती है और उसका अपमान पूरे सनातन धर्म का अपमान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चाहिए कि वे दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई कर संत समाज की पीड़ा को दूर करें।
Shankaracharya Ganga Snan: सरकार से त्वरित निर्णय की अपेक्षा
संत समाज ने एक स्वर में मांग की है कि शंकराचार्य को सम्मानपूर्वक गंगा स्नान कराया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं।
Read Also: Bus Fire: मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती बस में भीषण आग, यात्रियों में मची अफरा-तफरी





