Report: Avinash Shrivastava
Sasaram बिहार के रोहतास जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत और वितरण केंद्रों पर लगने वाली उपभोक्ताओं की लंबी कतारों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन अब सासाराम के शहरी इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दे रहा है। लक्ष्य यह है कि अधिक से अधिक घरों को पाइपलाइन से जोड़कर गैस एजेंसियों पर पड़ने वाले बोझ को कम किया जा सके।
Sasaram 2760 कनेक्शन, पर उपयोग सिर्फ 1800 ही
सासाराम के शहरी इलाकों में पिछले कई वर्षों से पाइपलाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति का बुनियादी ढांचा (Infrastructure) मौजूद है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शहर में अब तक 2760 लोगों के पास पीएनजी कनेक्शन पहुँच चुका है। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से केवल 1800 उपभोक्ता ही नियमित रूप से इसका उपयोग कर रहे हैं। कई मोहल्लों में पाइपलाइन बिछी होने के बावजूद लोग अभी भी पारंपरिक सिलेंडरों पर ही निर्भर हैं।
Sasaram गैस एजेंसियों पर ‘हाहाकार’, सिलेंडरों के लिए लंबी लाइनें
जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों पर मौजूदा स्थिति काफी तनावपूर्ण है। उपभोक्ता सुबह से ही गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़े नजर आते हैं, जिससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है बल्कि आपूर्ति व्यवस्था भी चरमरा गई है। प्रशासन का मानना है कि यदि शहर के लोग पाइपलाइन गैस को अपना लें, तो ग्रामीण क्षेत्रों और उन इलाकों के लिए सिलेंडरों की उपलब्धता आसान हो जाएगी जहाँ अभी पाइपलाइन नहीं पहुँची है।
Sasaram सुरक्षित और सुलभ: प्रशासन की विशेष अपील
जिला प्रशासन अब सघन अभियान चलाकर लोगों को पीएनजी के फायदों के प्रति जागरूक कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन गैस न केवल सुरक्षित है, बल्कि यह सिलेंडर खत्म होने की चिंता और बुकिंग के झंझट से भी मुक्ति दिलाती है। प्रशासन ने शहरी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने क्षेत्र में उपलब्ध पाइपलाइन का कनेक्शन लें ताकि गैस वितरण की ‘मारामारी’ को समाप्त किया जा सके।





