By: Vijay Nandan
नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में सोमवार से वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा शुरू हुई, जिसने पूरे राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस बहस का आगाज़ किया, वहीं कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे पर तीखे अंदाज़ में सरकार को घेरा। मंगलवार को राज्यसभा में इसी विषय पर करीब 10 घंटे लंबी बहस प्रस्तावित है, जिसका नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।
पीएम मोदी की दलील: वंदे मातरम् सिर्फ गीत नहीं, आज़ादी की चेतना का स्रोत
सदन में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् ने आज़ादी के आंदोलन को ऊर्जा दी और गुलामी के दौर में भारतीय समाज में आत्मविश्वास जगाया। उन्होंने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की रचना को वैदिक परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि यह गीत भारत भूमि को ‘माता’ और नागरिकों को उसकी संतान के रूप में देखने की सांस्कृतिक सोच को दर्शाता है।
#WATCH | "Ye hamari swatantrata ka mantra tha, balidaan ka mantra tha, ye oorja ka mantra tha, ye saatwikta ka mantra tha, ye samarpan ka mantra tha, ye tyaag aur tapasya ka mantra tha, sankaton ko sehne ka samarthya dene ka mantra tha, aur wo mantra Vande Mataram tha," says PM… pic.twitter.com/oLstasaiL8
— ANI (@ANI) December 8, 2025
पीएम ने 1857 के बाद अंग्रेजों द्वारा ‘गॉड सेव द क्वीन’ थोपने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय वंदे मातरम् एक सांस्कृतिक प्रतिरोध की आवाज़ बनकर उभरा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस गीत ने जनता को एकजुट किया, स्वतंत्र भारत में उसे ही विवादों में उलझा दिया गया।
कांग्रेस पर मोदी के आरोप और ऐतिहासिक फैसलों पर सवाल
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि कांग्रेस के नेताओं, विशेषकर जवाहरलाल नेहरू, ने वंदे मातरम् के उपयोग को सीमित करने का निर्णय लिया, जिससे इसके कई पद अलग कर दिए गए। पीएम मोदी ने इसे “दबाव-प्रेरित राजनीतिक समझौता” बताया और कहा कि ब्रिटिश शासन ने जिस गीत से डरकर प्रतिबंध लगाए, उसी से स्वतंत्र भारत ने किनारा कर लिया।
#WATCH | During debate in Lok Sabha on 150 years of 'Vande Mataram, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, "There are two reasons for the debate on Vande Mataram in the House today. One, elections are coming up in West Bengal. In such a situation, our Prime Minister wants to… pic.twitter.com/jqVFaqLsd7
— ANI (@ANI) December 8, 2025
प्रियंका गांधी का पलटवार: ‘वंदे मातरम् भारत की आत्मा है’
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सदन में हिस्सा लेते हुए कहा कि वंदे मातरम् देश की आत्मा का हिस्सा है और इस पर अनावश्यक विवाद नहीं खड़ा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अच्छा भाषण देते हैं, लेकिन तथ्यों के मामले में “काफी कमजोर” पड़ जाते हैं। प्रियंका ने शिवसेना सांसद के उस नारे पर भी आपत्ति जताई, जिसमें कहा गया था। भारत में रहना होगा तो वंदे मातरम् कहना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे नारे समाज में अनावश्यक तनाव पैदा करते हैं।
नेहरू पर हमलों का जवाब: ‘सूची बना लीजिए, हम बहस को तैयार हैं’
प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी को चुनौती दी कि नेहरू की कथित गलतियों की सूची तैयार की जाए और निर्धारित समय पर उस पर खुली बहस हो। उन्होंने कहा कि नेहरू के योगदान जैसे IIT, IIM और कई सार्वजनिक उपक्रमों की स्थापना को सरकार जानबूझकर नजर अंदाज कर रही है।
‘आप चुनाव के लिए हैं, हम देश के लिए’- प्रियंका गांधी
प्रियंका ने आरोप लगाया कि सरकार इस बहस का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है, खासतौर पर बंगाल चुनाव को देखते हुए। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के मुद्दों, महंगाई, बेरोजगारी और प्रदूषण, पर चर्चा चाहता है, लेकिन सरकार अतीत में उलझाने वाली बहसों में व्यस्त है। उन्होंने कहा, “देश के बड़े शहर प्रदूषण से घुट रहे हैं, लेकिन सदन में गैरजरूरी बहसें हो रही हैं। प्रियंका गांधी ने रवींद्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस के पत्रों के हवाले से कहा कि वंदे मातरम् पर विचार-विमर्श साम्प्रदायिक विवाद के कारण शुरू हुआ था, न कि किसी नेताओं की व्यक्तिगत मान्यताओं के कारण। उन्होंने कहा कि टैगोर स्वयं सलाह देते थे कि सिर्फ पहले दो अनुच्छेद ही गाए जाएं।
राज्यसभा में आज अमित शाह की शुरुआत
लोकसभा की गर्मागर्म बहस के बाद मंगलवार को राज्यसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होगी। गृह मंत्री अमित शाह चर्चा की शुरुआत करेंगे, जबकि स्वास्थ्य मंत्री और राज्यसभा में नेता जेपी नड्डा दूसरे वक्ता होंगे।





