by: vijay nandan
बयान पर सियासी घमासान
- इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया
- कहा – “पाकिस्तान जाकर मुझे घर जैसा महसूस हुआ”
- बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला, बिहार चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गर्मी
क्या कहा सैम पित्रोदा ने
इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने हाल ही में पाकिस्तान को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति को सबसे पहले अपने पड़ोसी देशों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
पित्रोदा ने बताया, “मैं पाकिस्तान गया हूं, वहां मुझे घर जैसा माहौल मिला। मैं बांग्लादेश और नेपाल भी गया हूं और वहां भी वैसा ही अनुभव हुआ। मुझे कभी नहीं लगा कि मैं किसी विदेशी देश में हूं।”
पित्रोदा ने पाकिस्तान के साथ संवाद की वकालत करते हुए कहा कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते बेहतर करना भारत के हित में है।
#WATCH | Delhi | On Congress Overseas Chief Sam Pitroda's statement, BJP National Spokesperson Pradeep Bhandari says, "… We want to ask Rahul Gandhi and Sonia Gandhi, why did you remain silent when Shahid Afridi called you his idol? Lashkar-e-Taiba wanted to have talks with… pic.twitter.com/TLpGoT3Vvd
— ANI (@ANI) September 19, 2025
बीजेपी का पलटवार
सैम पित्रोदा के इस बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस को घेरते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा कहते हैं कि उन्हें पाकिस्तान में घर जैसा लगा। यही वजह है कि यूपीए सरकार ने 26/11 जैसे हमलों के बाद भी पाकिस्तान पर सख्त कदम नहीं उठाए। कांग्रेस नेताओं के ऐसे बयान देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।”
बिहार चुनाव के सियासी मायने
बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस बिहार चुनाव की तैयारी कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस बयान को चुनावी मुद्दा बना सकती है। पहले भी बीजेपी कांग्रेस नेताओं के विवादित बयानों को अपने पक्ष में भुनाती रही है।

गांधी परिवार से करीबी
सैम पित्रोदा 1980 के दशक से गांधी परिवार के विश्वस्त माने जाते हैं। वह राजीव गांधी के करीबी टेक्नोक्रेट रह चुके हैं और लंबे समय से राहुल गांधी के सलाहकार हैं। फरवरी में भी उन्होंने चीन को लेकर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत चीन से खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है और सहयोगात्मक रुख अपनाना चाहिए। सैम पित्रोदा का पाकिस्तान पर दिया गया बयान कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। बिहार चुनाव से पहले यह मुद्दा बीजेपी के लिए बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है। साथ ही यह भारत की विदेश नीति पर भी बहस को तेज कर रहा है।
सैम पित्रोदा के इन बयानों पर पहले भी उठे सवाल
चीन पर बयान
सैम पित्रोदा ने कहा था कि भारत चीन से खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है और हमें चीन को दुश्मन मानना बंद कर देना चाहिए। इस पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया।
भारत की विविधता पर टिप्पणी
उन्होंने कहा था कि भारत के अलग-अलग हिस्सों के लोग अलग-अलग दिखते हैं – जैसे पूर्वोत्तर के लोग चीनी जैसे, दक्षिण के लोग अफ्रीकी जैसे। इस बयान को रंगभेदी बताया गया और काफ़ी आलोचना हुई।
इनहेरिटेंस टैक्स (वंशानुगत कर)
पित्रोदा ने सुझाव दिया था कि अमेरिका की तरह भारत में भी वंशानुगत संपत्ति पर टैक्स लगाया जा सकता है। इस पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
पुलवामा और बालाकोट पर सवाल
उन्होंने पुलवामा हमले के बाद की एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए कहा था कि क्या यह कार्रवाई सही थी। इसे लेकर भी बवाल हुआ।
राम मंदिर और अन्य मुद्दों पर बयान
उन्होंने कहा था कि देश की असली समस्याएं बेरोज़गारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य हैं; मंदिर बनाने से ये हल नहीं होंगी। इसे भी कुछ समूहों ने आपत्तिजनक माना।
संविधान में नेहरू की भूमिका
पित्रोदा ने एक चर्चा में कहा था कि संविधान निर्माण में नेहरू की भूमिका ज़्यादा थी। इस बयान से दलित समुदायों और अन्य संगठनों ने नाराज़गी जताई।





