मछुआरों की सुरक्षा और समृद्धि सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Safety and prosperity of fishermen is the priority of the government: Chief Minister Dr. Yadav

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मछुआरों की सुरक्षा और समृद्धि सरकार की प्राथमिकता है। उनकी सुरक्षा की दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कंट्रोल कमांड सेंटर और ट्रांजिट हाउस जैसी पहल की जा रही हैं। राज्य के बड़े जलाशयों में मछुआरों की सुरक्षा और मत्स्य बीज संचयन की निगरानी के लिये आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।

मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तहत देश के सबसे बड़े जलाशयों में शामिल इंदिरा सागर में ड्रोन, जीपीएस और सीसीटीवी युक्त आधुनिक कमांड कंट्रोल रूम की स्थापना की जा रही है। आपात स्थिति में इस प्रणाली से मछुआरों को शीघ्र सहायता पहुंचाई जा सकेगी। ये पहल ब्रीडिंग ग्राउंड के चिन्हांकन के साथ मत्स्य आखेट पर निगरानी को और ज़्यादा आसान, सुलभ और प्रभावशाली बनाएगी। कमांड कंट्रोल रूम की मदद से मुख्यालय स्तर से ही 24X7 निगरानी संभव हो सकेगी। ड्रोन के माध्यम से जल क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग और जीपीएस सिस्टम से नावों की ट्रैकिंग की जा सकेगी और आपात स्थिति में मछुआरों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

मछुआरों के लिए बनेंगे ट्रांजिट हाउस और फ़्लोटिंग प्लेटफ़ॉर्म

मत्स्य महासंघ के जलाशयों में कार्यरत मछुआरों को कई बार 15 दिन से लेकर एक महीने तक खुले टापुओं या जलाशय के किनारों पर अपनी नावों में रात्रि विश्राम करना पड़ता है। वर्षा ऋतु में टापुओं का जलस्तर बढ़ जाता है, ऐसे में मछुआरों को जलीय जीव-जंतुओं से जान-माल की हानि की आशंका बनी रहती है। मछुआरों को इससे बचाने के लिए महासंघ ने गांधी सागर और इंदिरा सागर के टापुओं पर 5 ट्रांजिट हाउस और जल के मध्य 2 फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। मछुआरों के लिए इसमें आपातकालीन स्थिति में भोजन निर्माण, सोलर मोबाइल चार्जिंग और बायो टॉयलेट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

राज्य सरकार की यह पहल मछुआरों की सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाएगी, साथ ही जल आधारित संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन और मत्स्य उत्पादन की वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आधुनिक तकनीक के समावेश से अब राज्य में मत्स्याखेट और मछलीपालन नए आयाम स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हैं।

भोपाल में बनेगा आधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान

राज्य में मॉडर्न एक्वाकल्चर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अहम पहल की जा रही है। केन्द्र सरकार की फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट फंड योजना के तहत भोपाल में 5 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है। इस संस्थान में केज कल्चर, बायोफ्लॉक, रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम, मछलियों की हाइजेनिक हैंडलिंग, फिश प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और वैल्यूएडिशन जैसे विषयों पर मछुआ समुदाय को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मछुआरों को इससे वैश्विक मानकों के अनुरूप मछली पालन तकनीक की जानकारी और व्यावसायिक दक्षता प्राप्त होगी।

Kawardha Wife Murder : पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार

Kawardha Wife Murder : सिंघनपुरी जंगल क्षेत्र में दिल दहला देने वाली

Raipur : नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मंथन,15 अप्रैल को राज्य स्तरीय समारोह की तैयारी

Raipur : मुख्यमंत्री निवास में अहम बैठक आयोजित Raipur : छत्तीसगढ़ की

Odisha: झारसुगुड़ा में माँ ने दो मासूम बच्चों की कुल्हाड़ी से की हत्या, फिर खुद का भी रेता गला

Odisha झारसुगुड़ा जिले के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के टंगरपाली गाँव में शनिवार

Bihar भाजपा विधायक दल की बैठक तय: 14 अप्रैल को पटना में चुना जाएगा नया नेता

Bihar में सत्ता परिवर्तन और नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति को लेकर चल

NH930 Protest: बालोद में NH-930 पर जनप्रतिनिधियों का धरना, चक्काजाम से ठप हुई आवाजाही

NH930 Protest: ड्रेनेज सिस्टम की खामियों पर फूटा गुस्सा, अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी

Lakhimpur : 417 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात; सीएम योगी ने 331 हिंदू परिवारों को सौंपा जमीन का मालिकाना हक

रिपोर्ट -विकास गुप्ता Lakhimpur मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी

Madhya Pradesh Top News: मध्य प्रदेश की आज की 10 बड़ी खबरें

read also: Bollywood Underworld Connection : दाऊद इब्राहिम की वजह से चल

Katihar : NH-31 पर बस और पिकअप की भीषण भिड़ंत, 10 की मौके पर मौत, 30 घायल

Report: Manoj kumar Katihar जिले के कोढ़ा थाना अंतर्गत गेराबाड़ी के समीप