BY: Yoganand Shrivastva
भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस में नए जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद संगठन के भीतर बगावत तेज हो गई है। भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के फैसले के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध जताया। कहीं सिर मुंडवाकर नाराजगी दिखाई जा रही है, तो कहीं खून से राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर न्याय की गुहार लगाई जा रही है।
भोपाल में खून से लिखी चिट्ठी
राजधानी भोपाल में पार्टी कार्यकर्ता जिला अध्यक्षों की नियुक्ति से असंतुष्ट हैं। कांग्रेस नेता मोनू सक्सेना ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि व्यापम घोटाले के आरोपी संजीव सक्सेना को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है, जबकि उनके छोटे भाई को भोपाल जिला कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। उन्होंने इसे राहुल गांधी के साथ धोखा करार दिया और खून से चिट्ठी लिखकर विरोध दर्ज कराया।
जबलपुर में सिर मुंडवाकर प्रदर्शन
जबलपुर में भी जिला अध्यक्ष की नियुक्ति पर बवाल मचा हुआ है। कार्यकर्ता सौरभ शर्मा को जिम्मेदारी दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। नाराज कार्यकर्ताओं ने सिर मुंडवाकर अपना गुस्सा जाहिर किया और कहा कि पार्टी ने उनकी राय को नज़रअंदाज़ किया है।
दलबदलुओं को पद मिलने पर आपत्ति
कई कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस में लंबे समय से काम कर रहे नेताओं को नज़रअंदाज़ कर दलबदलुओं को अहम पद सौंप दिए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि संगठन सृजन अभियान की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि यह साफ हो सके कि किन मानकों पर नियुक्तियां की गई हैं।
71 नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति
हाल ही में कांग्रेस ने प्रदेशभर में 71 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की थी। इसमें तीन पूर्व मंत्री, छह मौजूदा विधायक और दस पूर्व विधायकों को जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को गुना जिले का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, चार बार विधायक रह चुके ओमकार सिंह मरकाम को डिंडोरी का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा अलीराजपुर, इंदौर ग्रामीण, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, राजगढ़, रतलाम ग्रामीण, बैतूल, जबलपुर ग्रामीण और पांढुर्ना जिलों में भी नए अध्यक्षों की घोषणा की गई है।





