BY: VIJAY NANDAN
- वर्तमान तापमान: 26 मई को भोपाल में अधिकतम तापमान 33.8°C और न्यूनतम 26.5°C दर्ज किया गया।
- पिछले वर्ष की तुलना: ठीक एक साल पहले, यानी 25 मई 2024 को तापमान 43.3°C था — यानी इस बार करीब 10 डिग्री की गिरावट देखी गई है।
- 10 साल का रिकॉर्ड टूटा: पहली बार मई के अंतिम सप्ताह में इतनी बड़ी गिरावट के साथ आंधी-बारिश का दौर जारी है।
किस वजह से बदला मौसम?
IMD की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या सुरेंद्रन के मुताबिक, राज्य के मौसम में अचानक बदलाव के पीछे तीन चक्रवातीय सिस्टम सक्रिय हैं:
सक्रिय मौसम प्रणाली:
- उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर 1.5 किमी ऊंचाई पर चक्रवाती प्रणाली।
- दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के निकट समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर दूसरा सिस्टम।
- उत्तर गुजरात और उसके आसपास 1.5 से 3.1 किमी ऊंचाई पर तीसरा सिस्टम।
इन सिस्टमों के चलते पूरे मध्य प्रदेश में तेज हवाएं, गरज-चमक और भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।
अगले 24 घंटे: इन जिलों में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट
IMD ने मध्य प्रदेश के 47 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवा, बिजली गिरने और मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है:
- मालवा-निमाड़ क्षेत्र: इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन
- नर्मदा बेल्ट: बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल
- महाकौशल और विंध्य क्षेत्र: नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, शहडोल, अनूपपुर, सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, पन्ना
- बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र: दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर
- अन्य प्रभावित क्षेत्र: आगर-मालवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी
क्या करें और क्या न करें? (सावधानी बरतने के उपाय)
बदलते मौसम में सुरक्षा और सतर्कता जरूरी है। IMD द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार:
करें:
- सुरक्षित इमारतों में शरण लें
- मोबाइल व विद्युत उपकरणों का उपयोग सीमित करें
- किसानों को सलाह: खेतों में बिजली की संभावना के दौरान न जाएं
न करें:
- खुले मैदानों, ऊंचे स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों
- पानी में भीगे उपकरणों को हाथ न लगाएं
मौसम कैसा रहेगा आने वाले दिनों में?
डॉ. सुरेंद्रन के अनुसार, यह मौसमी गतिविधि अगले 5 दिनों तक जारी रह सकती है। खासकर इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ हवाएं चल सकती हैं।
राहत भी, खतरा भी
जहां एक ओर तापमान में गिरावट ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं चक्रवाती हवाओं और बारिश ने संभावित नुकसान का खतरा भी बढ़ा दिया है। किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को अगले कुछ दिनों तक पूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।





