BY
Yoganand Shrivastava
Mathura भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने मथुरा प्रवास के दौरान शुक्रवार को वृंदावन स्थित ‘श्रीहित राधा केलि कुंज’ आश्रम पहुँचीं। यहाँ उन्होंने देश के सुप्रसिद्ध संत श्री प्रेमानंद जी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। राष्ट्रपति और संत के बीच हुई इस शिष्टाचार भेंट ने पूरे आश्रम परिसर को भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

Mathura भव्य स्वागत और आध्यात्मिक चर्चा
आश्रम पहुँचने पर प्रेमानंद महाराज के शिष्यों और परिकरों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू और महाराज जी के बीच एकांतिक वार्तालाप हुआ।

- प्रमुख विषय: चर्चा का मुख्य केंद्र अध्यात्म, निःस्वार्थ सेवा और जनकल्याण रहा।
- श्रद्धा भाव: राष्ट्रपति ने महाराज जी के सरल जीवन, उनकी अडिग भक्ति और उनके द्वारा दिए जाने वाले आध्यात्मिक उपदेशों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।
Mathura जन्मदिन की दी शुभकामनाएं
यह मुलाकात इसलिए भी खास रही क्योंकि गुरुवार को ही संत प्रेमानंद जी महाराज का जन्मदिन था। राष्ट्रपति मुर्मू ने महाराज जी को हाथ जोड़कर प्रणाम किया और उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई दी। संत प्रेमानंद जी ने भी अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में ‘राधे-राधे’ कहकर राष्ट्रपति का अभिवादन स्वीकार किया और उन्हें मंगल आशीर्वाद दिया।

Mathura भक्तिमय रहा राष्ट्रपति का दौरा
शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति ने अपने दिन की शुरुआत आध्यात्मिक कार्यक्रमों से की। उन्होंने आश्रम में महाराज जी के प्रवचन भी सुने। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच राष्ट्रपति ने मथुरा के विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
Mathura अयोध्या के बाद मथुरा आगमन
बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को अयोध्या धाम के दौरे पर थीं, जहाँ उन्होंने:
- राम मंदिर में दर्शन: प्रभु रामलला की आरती की और देशवासियों के कल्याण की कामना की।
- श्री राम यंत्र की स्थापना: मंदिर में 150 किलोग्राम सोने से जड़ित विशेष ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना कर एक ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया। अयोध्या से सीधे मथुरा पहुँचकर राष्ट्रपति ने अपनी इस धार्मिक यात्रा को आगे बढ़ाया।





