BY: Yoganand Shrivastva
करवार (कर्नाटक), कर्नाटक के करवार बंदरगाह पर सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बरतते हुए एक इराकी मालवाहक जहाज के चालक दल में शामिल पाकिस्तानी और सीरियाई नागरिकों को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। सुरक्षा कारणों से इन नागरिकों को तुरंत उसी जहाज के जरिए वापस भेज दिया गया।
पाकिस्तानी और सीरियाई नागरिकों को नहीं दी उतरने की इजाजत
सूत्रों के अनुसार, इराक के अल जुबैर से रवाना हुआ यह जहाज करवार बंदरगाह पर बिटुमेन (कोलतार) लेकर पहुंचा था। चालक दल में 15 भारतीय, 1 पाकिस्तानी और 2 सीरियाई नागरिक शामिल थे। पोर्ट अधिकारियों ने जब जहाज पर मौजूद क्रू की राष्ट्रीयता की जांच की तो पाकिस्तानी और सीरियाई नागरिकों की पहचान होते ही सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया।
आतंकी हमले के बाद सुरक्षा निर्देश सख्त
गौरतलब है कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत में सुरक्षा के स्तर को बढ़ा दिया गया है। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, जिनमें से कई पर्यटक थे। इसी के चलते केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के साथ सभी वीज़ा सुविधाएं रद्द कर दी थीं और पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों के भारतीय बंदरगाहों में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।
मोबाइल जब्त, तटीय निगरानी कड़ी
बंदरगाह अधिकारियों ने बताया कि तीनों विदेशी नागरिकों को दो दिन तक जहाज में ही रहने के लिए कहा गया और उनका किसी से भी संपर्क न हो, इसके लिए उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए। माल की डिलीवरी के बाद उन्हें उसी जहाज के साथ वापस भेज दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान तटीय सुरक्षा बलों ने बंदरगाह पर निगरानी और गश्त बढ़ा दी थी।
मानक प्रोटोकॉल के तहत हुई कार्रवाई
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर विभिन्न देशों के नागरिक चालक दल का हिस्सा होते हैं, लेकिन भारत में उन्हें उतरने की अनुमति केवल विशेष मंजूरी के बाद ही दी जाती है। मौजूदा हालात को देखते हुए, यह निर्णय एहतियात के तौर पर लिया गया।”
तटीय सुरक्षा निरीक्षक निश्चल कुमार ने भी पुष्टि की कि तटीय क्षेत्र में सुरक्षा चौकसी और अधिक बढ़ा दी गई है, खासकर ऐसे समय में जब भारत की सीमाएं और संवेदनशील बिंदु सतर्क निगरानी में हैं।





