BY: Yoganand Shrivastava
पाकिस्तान ने इजरायल के हालिया हमलों के खिलाफ खाड़ी देशों के साथ अपनी एकजुटता दिखाने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बृहस्पतिवार को कतर की यात्रा करने का निर्णय लिया है, जो इस समय खासा संवेदनशील माना जा रहा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब इजरायल ने 2 दिन पहले कतर की राजधानी दोहा में हमास आतंकियों को निशाना बनाने के लिए बड़ा हमला किया था।
इस हमले में हमास के अनुसार कम से कम 5 आतंकवादी मारे गए। इजरायल का यह हमला तब हुआ जब उसे दोहा में हमास के बैठकों के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद मंगलवार को इजरायल ने तेल-संपन्न कतर में हमास के 6 और ओहदेदारों को मार गिराया।
शहबाज शरीफ की यात्रा का उद्देश्य
पाकिस्तान सरकार ने बताया कि यह दौरा कतर में नागरिक क्षेत्र को निशाना बनाने वाले इजराइली हवाई हमलों के बाद खाड़ी और मुस्लिम देशों के साथ एकजुटता और क्षेत्रीय स्थिरता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार भी यात्रा में शामिल होंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा कतर की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति पाकिस्तान के अटूट समर्थन को दर्शाता है, साथ ही पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए उसकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।
कतर में शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात
शहबाज शरीफ दोहा में कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान पाकिस्तान कतर की जनता और नेतृत्व के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं और समर्थन व्यक्त करेगा। पाकिस्तान और कतर के बीच पहले से ही मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह यात्रा केवल एकजुटता तक सीमित रहेगी या दोनों देश कतर की सुरक्षा और रक्षा सहयोग के अन्य विकल्पों पर भी चर्चा करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
पिछले हफ्तों में इजरायल ने फिलिस्तीन, लेबनान, सीरिया और यमन में आतंकी समूहों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है। इन घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। पाकिस्तान का कदम इस वक्त महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह खाड़ी देशों के साथ एकजुटता दिखाने और इजरायल के खिलाफ राजनीतिक संदेश देने की कोशिश है।





