लामता-बालाघाट हाईवे पर गुर्जरटोला के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक मादा भालू और उसके बच्चे की मौत हो गई। सूचना मिलने पर उत्तर सामान्य वनमंडल के एसडीओ प्रशांत साकरे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नियमानुसार कार्यवाही करते हुए, दोनों भालुओं का पोस्टमॉर्टम कर दाह संस्कार किया गया।
हिट एंड रन का मामला
एसडीओ प्रशांत साकरे ने बताया कि यह एक हिट एंड रन केस है। हादसे में करीब पांच साल की मादा भालू और उसके डेढ़ वर्षीय शावक की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित सीसीटीवी फुटेज और वाहन रजिस्टर की जांच कर रहा है, ताकि जिम्मेदार वाहन का पता लगाया जा सके।
तेज रफ्तार बनी वन्यजीवों की मौत का कारण
बीते कुछ समय में सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मौत के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कभी भालू, कभी तेंदुआ, तो कभी बाघ इन हादसों का शिकार हो जाते हैं। अधिकतर मामलों में तेज रफ्तार वाहन ही इन मौतों की वजह बनते हैं।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत
शासन और प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने की जरूरत है। सड़क किनारे स्पीड ब्रेकर लगाने, साइन बोर्ड लगाने और दोनों ओर सुरक्षा बाड़ लगाने जैसे उपाय अपनाने से इन हादसों को रोका जा सकता है। वन्यजीवों की रक्षा के लिए सरकार को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि इन बेजुबान प्राणियों की अनावश्यक मौतों पर रोक लगाई जा सके।
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